जालंधर ब्रीज: आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के नेता बलतेज पन्नू ने पंजाब के लिए “डंडे वाला” (तानाशाह) मुख्यमंत्री की वकालत करने के लिए शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष सुखबीर बादल की कड़ी आलोचना की है। पन्नू ने उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री के रूप में सुखबीर बादल की जनविरोधी व तानाशाही नीतियों को को लेकर भी कई सवाल खड़े किए।
पन्नू ने कहा, “पंजाब को एक ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो डंडे से शासन करे, ऐसा सुझाव देकर सुखबीर बादल यह संकेत दे रहे हैं कि उन्हें कोई ऐसा शासक चाहिए जो उनके कार्यकाल को दोहराए। यानी ऐसा नेता जो शिक्षकों और बेरोजगार युवाओं पर लाठीचार्ज करवाए और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों एवं निहत्थे सिख संगतों पर गोलियां चलाने चलाने का आदेश दे और गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के लिए न्याय की मांग करने वाली आवाजों को दबा दे।
पन्नू ने सुखबीर बादल पर सत्ता में रहने के दौरान पंजाब को एक रसातल में धकेलने का आरोप लगाया। उन्होंने ड्रग माफियाओं और अकाली नेतृत्व के बीच सांठगांठ पर भी प्रकाश डाला और कहा, “क्या पंजाब को ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत है जो राज्य के युवाओं को नशे की लत में डूबते हुए देखकर भी ड्रग डीलरों को पनाह दे? उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल का प्रशासन आपदा का ट्रेलर था, जहां नौकरियां बेची गईं और भ्रष्टाचार व माफिया को बढ़ावा दिया गया।
राजनीतिक लाभ के लिए बादल द्वारा विवादास्पद हस्तियों और डेरों के साथ समझौता करने पर कटाक्ष करते हुए पन्नू ने कहा, “क्या हम ऐसा मुख्यमंत्री चाहते हैं जो वोटों के लिए पंजाब की गरिमा से समझौता करे? या कोई ऐसा व्यक्ति जो राज्य की भलाई से ज़्यादा अपने राजनीतिक फायदे को प्राथमिकता दे?”
बलतेज पन्नू ने बादल द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रहने के बाद भी उच्च नैतिक आधार का दावा करने पर सवाल उठाया और कहा, “पंजाब बादल सरकार के विश्वासघात और अहंकार को नहीं भूला है। पंजाबियों ने उनकी ‘डंडा-शासन’ को पूरी तरह खारिज कर आम आदमी पार्टी के जन-केंद्रित शासन मॉडल पर अपना भरोसा जताया है।

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