जालंधर ब्रीज: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाई गई मुहिम के दौरान मंगलवार को सी.आई.ए.-2 स्टाफ, अमृतसर में तैनात सिपाही आदर्शदीप सिंह को 60,000 रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी अमृतसर के एक निवासी द्वारा मुख्यमंत्री की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर की गई है।
उन्होंने आगे बताया कि शिकायत के अनुसार आरोपी सिपाही ने अपने पड़ोसी कृष्ण कुमार के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज न करने के बदले 60,000 रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि उसका पड़ोसी कृष्ण कुमार पहले नशा तस्करी में शामिल था, लेकिन पुलिस की सख्त निगरानी और कार्रवाई के कारण वह सुधर गया और अब वह एक निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा है। सीआईए-2, अमृतसर के पुलिस मुलाजिमों ने कृष्ण कुमार के घर छापा मारा था, लेकिन वहां से उन्हें कुछ भी अवैध नहीं मिला। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि उक्त पुलिस मुलाजिम इस संबंध में रिश्वत के तौर पर पहले ही 50,000 रुपये ले चुका है और बाकी राशि की मांग कर रहा है।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके उपरांत उक्त आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत विजिलेंस ब्यूरो के थाना अमृतसर रेंज में मामला दर्ज किया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसे कल अदालत में पेश किया जाएगा और इस केस की आगे की जांच जारी है।

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