जालंधर ब्रीज: राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरु की गई मुहिम के अंतर्गत पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज ज़ोन-डी नगर निगम लुधियाना में तैनात सुपरवाइजऱ दर्शन लाल को एक सफ़ाई सेवक का वेतन जारी करने के बदले 6000 रुपए रिश्वत लेते हुए काबू किया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता अरुण कुमार, जोकि नगर निगम लुधियाना में 2014 से संविदा पर सफ़ाई सेवक के रूप में काम कर रहा था और वह नवंबर 2022 में रेगुलर हुआ था, ने विजीलैंस ब्यूरो लुधियाना रेंज दफ़्तर में शिकायत दर्ज करवाई है कि सुपरवाइजऱ दर्शन लाल सभी सफ़ाई सेवकों से उनकी ग़ैर- हाजिऱी मार्क करने का डर दिखाकर उनसे 1000 रुपए प्रति माह ले रहा है।
शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि रेगुलर होने के बाद उसे 6 महीनों का वेतन मिला था और मुलजिम सुपरवाइजऱ वेतन जारी करने के बदले उससे 6000 रुपए (1000 रुपए प्रति माह) की माँग कर रहा था और रिश्वत न देने की सूरत में वह भविष्य में उसकी ग़ैर- हाजिऱी लगाकर उसे परेशान करेगा।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता के बयान के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के अधीन थाना विजीलैंस ब्यूरो रेंज लुधियाना में तारीख़ 06.09.2023 को एफ.आई.आर. नं. 21 दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि विजीलैंस ब्यूरो लुधियाना की पुलिस टीमों ने ट्रैप लगाकर हैबोवाल इलाके से सुपरवाइजऱ दर्शन लाल को सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 6000 रुपए की रिश्वत लेते हुए काबू किया है। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धी आगे की कार्यवाही की जा रही है और मुलजि़म को कल अदालत में पेश किया जाएगा।
विजीलैंस द्वारा एल. टी. सी. छुट्टी सम्बन्धी बिल क्लीयर करने के बदले 5000 रुपए रिश्वत लेता बिल क्लर्क काबू
पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने आज पंजाब रोडवेज़ दफ़्तर अमृतसर-2 में तैनात बिल क्लर्क हरदयाल सिंह को ड्राइवर साहिब सिंह से 5000 रुपए रिश्वत लेते हुये काबू किया है।
इस सम्बन्धी जानकारी देते हुये विजीलैंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि तरन तारन जिले के गाँव हरीके के रहने वाले साहिब सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई कि वह पंजाब रोडवेज़ अमृतसर-2 में बतौर ड्राइवर काम करता है और उसने विभाग से मंज़ूरी लेकर 12-06-2023 से 23-06-2023 तक एल. टी. सी. छुट्टी ली थी। उसने दोष लगाया कि उक्त बिल क्लर्क ने एल. टी. सी. छुट्टी का बिल खजाने में भेजने के बदले 10,000 रुपए रिश्वत माँगी थी और उस ( शिकायतकर्ता) के बार-बार विनती करने पर वह 5000 रुपए रिश्वत के बदले बिल भेजने के लिए सहमत हो गया।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायत की प्राथमिक जांच के उपरांत विजीलैंस ब्यूरो की टीम ने ट्रैप लगा कर बिल क्लर्क हरदयाल सिंह को सरकारी गवाहों की हाज़िरी में शिकायतकर्ता से 5000 रुपए रिश्वत लेते हुये काबू कर लिया।
इस सम्बन्धी बिल क्लर्क हरदयाल सिंह के खि़लाफ़ थाना विजीलैंस ब्यूरो, अमृतसर रेंज में भ्रष्टाचार रोकथाम एक्ट की धारा 7 के तहत तारीख़ 06-09-2023 को एफ. आई. आर नं. 31 दर्ज की गई है।

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