April 13, 2026

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‘युद्ध नशे के विरुद्ध’: पंजाब पुलिस ने बड़े पैमाने पर शुरू किया नशा विरोधी अभि यान, राज्यव्यापी कार्रवाई के दौरान 290 नशा तस्करों को किया गिरफ्तार

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जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार द्वारा राज्य में नशों के सम्पूर्ण खात्मे के लिए नशों के विरुद्ध निर्णायक जंग ‘‘युद्ध नशे के विरुद्ध’’ छेड़ने के एक दिन बाद, पंजाब पुलिस द्वारा आज राज्यभर में पहचाने गए ड्रग हॉटस्पॉट – नशों और साइकॉट्रोपिक पदार्थों की बिक्री वाली जगहों – पर व्यापक राज्यव्यापी घेराबंदी और तलाशी मुहिम (सी.ए.एस.ओ.) चलाई गई। इस ऑपरेशन दौरान 232 एफआईआर दर्ज करके 290 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने दी।

चार घंटे चले इस ऑपरेशन के दौरान 8.14 किलोग्राम हेरोइन, 1.21 किलोग्राम अफीम, 3.5 किलोग्राम गांजा, 19 किलोग्राम भुक्की, 700 ग्राम चरस, 16,238 नशीली गोलियां/कैप्सूल/टीके और 8.02 लाख रुपए की ड्रग मनी भी बरामद की गई है।

यह ऑपरेशन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस को आने वाले तीन महीनों में पंजाब को पूरी तरह से नशा मुक्त राज्य बनाने संबंधी आदेश देने के एक दिन बाद चलाया गया है। पंजाब सरकार द्वारा नशों के खिलाफ जंग की निगरानी के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कैबिनेट सब कमेटी भी बनाई गई है।

डीजीपी पंजाब गौरव यादव, जो निजी तौर पर इस राज्यव्यापी ऑपरेशन की निगरानी कर रहे थे, ने बताया कि यह घेराबंदी और तलाशी मुहिम सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में एक साथ चलाई गई और पंजाब पुलिस हेडक्वार्टर, चंडीगढ़ से स्पेशल डीजीपी/एडीजीपी/आईजीपी/डीआईजी रैंक के अधिकारी प्रत्येक पुलिस जिले में इस ऑपरेशन की निजी तौर पर निगरानी करने के लिए तैनात किए गए थे।

स्पेशल डीजीपी कानून और व्यवस्था अर्पित शुक्ला, जो एसएएस नगर के बलौंगी में सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) दीपक पारिक के साथ खुद नेतृत्व करने पहुंचे थे, ने कहा कि सीपीज़/एसएसपीज़ को अपने-अपने जिलों में इस ऑपरेशन की योजना बनाने और ऐसे क्षेत्रों में छापेमारी करने के लिए कहा गया था, जो पुलिस फोर्स की भारी तैनाती के बावजूद नशा तस्करों की पनाहगाह/सुरक्षित छुपने की जगह बन चुके हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है और ऐसे ऑपरेशन राज्य से नशों के पूर्ण खात्मे तक जारी रहेंगे।

स्पेशल डीजीपी ने बताया कि 233 गजटेड अधिकारियों की निगरानी में 8368 से अधिक पुलिसकर्मियों की नफरी वाली 900 से अधिक पुलिस टीमों ने लगभग 369 ड्रग हॉटस्पॉट की तलाशी ली है और 798 क्षेत्रों में छापे मारे हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस टीमों ने 2000 से अधिक संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की और 27 व्यक्तियों के विरुद्ध एहतियाती कार्रवाई की है, जबकि पांच भगोड़े अपराधियों (पी.ओ.) को भी कार्रवाई दौरान गिरफ्तार किया गया है।

क्षेत्र में जाने वाले अन्य अधिकारियों में स्पेशल डी.जी.पी. पी.एस.पी.सी.एल. डॉ: जतिंदर जैन, ए.डी.जी.पी. ट्रैफिक ए.एस. राय, ए.डी.जी.पी. कानून और व्यवस्था एस.पी.एस. परमार, ए.डी.जी.पी. स्टेट आर्म्ड फोर्सेज एम.एफ. फारूकी, ए.डी.जी.पी. आंतरिक सुरक्षा शिव कुमार वर्मा, और आई.जी.पी. टेक्निकल सपोर्ट सर्विसेज प्रदीप कुमार यादव, आई.जी.पी. इंटेलिजेंस बाबू लाल मीणा, आई.जी.पी. जी.आर.पी. पंजाब बलजोत सिंह राठौर और आई.जी.पी. गुरदियाल सिंह शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने राज्य से नशों के खात्मे के लिए तीन-स्तरीय रणनीति – प्रवर्तन, नशा मुक्ति और रोकथाम (ईडीपी) – लागू की है।


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