August 22, 2026

Jalandhar Breeze

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आप का भ्रष्टाचार-मुक्त पंजाब का वादा, भ्रष्टाचार-युक्त शासन का तोहफा: खन्ना

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ई.डी. ने नितिन गोहल और अन्य के खिलाफ एफ.आइ.आर. दर्ज करने को लिखा; पंजाब पुलिस चुप क्यों है? खन्ना ने पूछा

ई.डी. के एफ.आइ.आर. संदर्भ पर 15 दिनों से क्यों बैठी है पंजाब पुलिस? भाजपा ने भगवंत मान से पूछा

अगर राजबीर घुम्मन ने कुछ गलत नहीं किया, तो मुख्यमंत्री सी.बी.आई. जांच की मांग करें: खन्ना

जालंधर ब्रीज: पूर्व सांसद, पूर्व विधायक एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया कि प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) द्वारा पंजाब के डी.जी.पी. को भेजे गए एफ.आइ.आर. के संदर्भ पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

जालंधर में अविनाश राय खन्ना ने भाजपा प्रधान अशोक सरीन हिक्की,पूर्व विधायक केडी भंडारी,पंजाब भाजपा सचिव अमरजीत सिंह अमरी,कर्मजीत कौर चौधरी,महामंत्री अमरजीत सिंह गोल्डी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खन्ना ने कहा, “अगर मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और अगर उनके ओ.एस.डी. राजबीर घुम्मन ने कुछ गलत नहीं किया है, तो 7 अगस्त 2026 को ई.डी. द्वारा भेजे गए पत्र के आधार पर पंजाब पुलिस एफ.आइ.आर. दर्ज क्यों नहीं कर रही? मुख्यमंत्री स्वयं गृह विभाग  संभाल रहे हैं, इसलिए उन्हें इस मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।”

खन्ना ने कहा कि ई.डी. ने पी.एम.एल.ए. की धारा 66(2) के तहत, पहले से चल रही जांच के दौरान प्राप्त सामग्री पंजाब के डी.जी.पी. को भेजकर नितिन गोहल और अन्य के खिलाफ गोपनीय एफ.आइ.आर. दर्ज करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि ई.डी. की सामग्री में आपराधिक षड्यंत्र, भ्रष्टाचार, सरकारी गोपनीय जानकारी के अनधिकृत लीक, तबादलों एवं पोस्टिंग में हस्तक्षेप, सरकारी नीतियों और टेंडरों को प्रभावित करने तथा अवैध आर्थिक लाभ  जैसे गंभीर आरोपों का उल्लेख है। इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े राजबीर घुम्मन का नाम भी सामने आता है।

खन्ना ने कहा, “अगर ये आरोप गलत हैं और मुख्यमंत्री को अपने ओ.एस.डी. पर पूरा भरोसा है, तो उन्हें स्वयं सी.बी.आई.  जांच की मांग करनी चाहिए। स्वतंत्र जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी।”

भाजपा जालंधर जिला अध्यक्ष अशोक सरीन की मौजूदगी में खन्ना ने तत्काल एफ.आइ.आर. दर्ज करने, सभी डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा समयबद्ध सी.बी.आई.  जांच की मांग की।  “अगर छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो स्वतंत्र जांच से डर कैसा?”


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