जालंधर ब्रीज: सी.जे.एम-कम-सचिव जिला कानूनी सेवाएं अथारिटी अपराजिता जोशी की ओर से पी.डी. आर्य महिला सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सैमीनार कर छात्राओं को उनको उनके कानूनी हकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
इस दौरान नि:शुल्क कानूनी सेवाएं, वन स्टाप सैंटर, घरेलू हिंसा एक्ट, प्रोटैक्शन आफ चिल्ड्रन फ्राम सैक्सूअल अफेंस एक्ट, उपभोक्ता सरंक्षण एक्ट, पी.एन.डी.टी एक्ट, शिक्षा का अधिकार, जूवेनाइल जस्टिस, प्रोटैक्शन ऑफ वूमैन फ्राम सैक्सूअल हरासमेंट एट वर्क प्लेस, मैटरनिटी सुविधाएं, बाल श्रम कानून, बाल विवाह निषेध एक्ट, दहेज निषेध एक्ट, नालसा स्कीम आदि अलग-अलग कानूनी अधिकारों क के बारे में बताया गया। इस दौरान उन्होंने 12 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में भी सभी को जागरुक किया। वूमैन इंपावरमेंट की सदस्य आरती शर्मा व अनीता कुमारी की ओर से भी छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों से परिचित करवाते हुए उन्हें जागरुक किया गया।
सचिव कानूनी सेवाएं अथारिटी की ओर से स्वामी सर्वानंदगिरी रिजनल लॉ सैंटर पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित वैबीनार में हिस्सा लेते हुए छात्राओं व लेक्चरार साहिबान के साथ महिला दिवस पर मौके पर महिलाओं के हकों के बारे में जानकारी सांझी करते हुए कहा कि महिलाओं-पुरुषों से अधिक बढ़ चढ़ कर हर कार्य में हिस्सा ले रही है। वैबीनार के दौरान विद्यार्थियों के अलावा प्रो. रतन सिंह, प्रो. एच.सी. बैंस, प्रो. रेनू विग, प्रो. योजना रयात, प्रो. सुखवीर कौर व कोआर्डिनेटर डा. विनय शर्मा आनलाइन उपस्थित थे।
अपराजिता जोशी ने जिला एवं सत्र न्यायधीश अमरजोत भट्टी के निर्देशों पर महिला आयोग पंजाब की सदस्य किरण धामी, पैरा लीगल एडवोकेट आरती शर्मा, अनीता व पैरा लीगल वालंटियर पवन शर्मा के साथ केंद्रीय जेल का दौरा कर महिला कैदियों की समस्याएं भी सुनी। इस दौरान उन्होंने पंजाबी लेखकों की पुस्तकें भी वितरित की ताकि वे किताबें पढ़ कर उनसे प्रेरणा ले सकें। इस दौरान उन्होंने महिला कैदियों को नि:शुल्क कानूनी सहायता के बारे में भी बताया।

More Stories
नगर निगम जालंधर की बड़ी कार्रवाई: जोन नंबर 7 में बकाया वसूली और अवैध कनेक्शन काटे
जालंधर में सीएनजी को बढ़ावा देने की मुहिम तेज, ट्रांसपोर्टर्स से बदलाव की अपील
पंजाब सरकार ने वाछिंत अपराधियों और गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए नई इनाम नीति को किया नोटीफाई ,एसएसपी, सीपी/ आईजीपी/ डीआईजी रेंजों और विंग प्रमुखों को 1 लाख से 2 लाख रुपए तक के इनामों के लिए मंज़ूरी के लिए अधिकारित किया गया