जालंधर ब्रीज: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया से संबंधित मामले में ₹736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन का पता चलने का दावा किया गया है। इसमें ₹161 करोड़ की अघोषित नकद जमा राशि, विदेशी संस्थाओं के माध्यम से भेजे गए ₹141 करोड़ और कंपनियों में ₹236 करोड़ की अघोषित (स्पष्ट न की गई) जमा राशि शामिल है। जांच के दौरान बिक्रम सिंह मजीठिया के वित्तीय नेटवर्क, शराब कंपनियों से जुड़े लेन-देन और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों के साथ कथित संबंधों की जांच की गई है। इसके साथ ही, पुराने केस रिकॉर्ड में ड्रग तस्करी से जुड़े व्यक्तियों सतप्रीत सिंह उर्फ ‘सत्ता’ और परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंदी’ के साथ उनके संबंधों को लेकर भी सवाल उठे हैं। इनमें यह दावे भी शामिल हैं कि मंत्री रहते हुए उन्होंने अपनी गाड़ी में इन व्यक्तियों को बिठाकर सफर किया था।
जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़ी कंपनियों के जरिए पैसों के लेन-देन को केंद्र में रखा गया है, जिसमें विशेष तौर पर ‘सराया इंडस्ट्रीज’ का नाम सामने आया है। जांच के दौरान शराब कंपनियों, संदिग्ध विदेशी संस्थाओं और अकाली दल (बादल) के नेता से जुड़े कारोबारी सहयोगियों के लेन-देन की भी पड़ताल की गई है।
विजिलेंस ब्यूरो द्वारा ड्रग मनी के लेन-देन का पता लगाने का दावा
आम आदमी पार्टी (आप) ने बताया कि जून 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने एनडीपीएस एक्ट, 1985 के तहत साल 2021 में दर्ज एफआईआर की जांच के दौरान ड्रग मनी को सफेद करने (मनी लॉन्ड्रिंग) से संबंधित लेन-देन का पता चलने की जानकारी दी थी।
पार्टी ने कहा, “ब्यूरो की जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया के नियंत्रण वाली कंपनियों के खातों मंा ₹161 करोड़ की अघोषित नकद जमा होने, संदिग्ध विदेशी संस्थाओं के जरिए ₹141 करोड़ भेजे जाने और कंपनियों के वित्तीय विवरणों में न दर्शाई गई या स्पष्ट न की गई ₹236 करोड़ की अतिरिक्त जमा राशि का विवरण सामने आया है। ब्यूरो ने कहा था कि जांच में बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़ी कंपनियों, जिनमें सराया इंडस्ट्रीज भी शामिल है, के जरिए पैसों के लेन-देन के संकेत मिले हैं।”
सत्ता और पिंदी के साथ संबंध फिर से चर्चा में
‘आप’ ने कहा कि जांच के दौरान सतप्रीत सिंह उर्फ ‘सत्ता’ और परमिंदर सिंह उर्फ ‘पिंदी’ से संबंधित पुराने केस रिकॉर्ड की तरफ भी फिर से ध्यान गया है। इन व्यक्तियों के नाम पंजाब में सिंथेटिक ड्रग्स की जांच के दौरान सामने आए थे।
पुराने मामले से जुड़े अदालती रिकॉर्ड में जांचकर्ताओं द्वारा बिक्रम सिंह मजीठिया के इन व्यक्तियों के साथ संबंधों को लेकर की गई पड़ताल का जिक्र है। इसमें गाड़ियों के इस्तेमाल और सुरक्षा से संबंधित सवाल भी शामिल हैं। ये संबंध ड्रग्स मामले की जांच के दौरान विभिन्न व्यक्तियों के बीच रिश्तों और घटनाओं की व्यापक जांच का हिस्सा रहे हैं।
शराब कंपनियों से जुड़े लेन-देन की जांच
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने शराब के कारोबार से जुड़ी कंपनियों और बिक्रम सिंह मजीठिया से संबंधित संस्थाओं के बीच हुए वित्तीय लेन-देन की भी जांच की है।
30 नवंबर 2025 को ब्यूरो ने हरप्रीत सिंह गुलाटी को गिरफ्तार किया था, जिसे बिक्रम सिंह मजीठिया का करीबी सहयोगी बताया गया है। ब्यूरो के अनुसार, जांच के दौरान हरप्रीत सिंह गुलाटी से जुड़ी कंपनियों और बिक्रम सिंह मजीठिया से संबंधित संस्थाओं के बीच पैसों के लेन-देन सामने आए थे।
इन कंपनियों में आकाश स्पिरिट, यूवी एंटरप्राइजेज और एडी एंटरप्राइजेज के नाम शामिल हैं। जांचकर्ताओं ने इन लेन-देन की प्रकृति, शराब के कारोबार के साथ उनके संबंधों और इन वित्तीय प्रबंधों के व्यावसायिक आधार की जांच की है।
अलग जांच में ₹736.96 करोड़ के वित्तीय लेन-देन का विवरण
‘आप’ ने कहा, “साल 2025 में दर्ज एफआईआर से संबंधित जांच में अतिरिक्त नकदी जमा होने, विदेशी संस्थाओं से प्राप्त लाभ, कंपनियों के खातों में जमा हुए अतिरिक्त फंड, एक अन्य कंपनी को मिले असामान्य लाभ और अचल संपत्तियों में हुई अघोषित वृद्धि की जांच की जा रही है।”
बिक्रम सिंह मजीठिया से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी
‘आप’ ने कहा कि जांच के दौरान कंपनियों में जमा राशि, ड्रग मनी को सफेद करने के कथित मामलों, विदेशी संस्थाओं के साथ लेन-देन, शराब के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन और बिक्रम सिंह मजीठिया से संबंधित कंपनियों के जरिए पैसों की आवाजाही की जांच की गई है।
वित्तीय लेन-देन, कंपनियों के व्यापारिक संबंध और जांच के दायरे में आए व्यक्तियों के बीच रिश्ते इस मामले के मुख्य पहलू बने हुए हैं। जांच से निकलने वाले कानूनी नतीजों का फैसला न्यायिक प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा।

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