जालंधर ब्रीज: पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में जारी भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत 5वीं कमांडो बटालियन, बठिंडा में तैनात हवलदार (एच.सी.) नछत्तर सिंह को 50,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह राशि मुख्य आरोपी कमांडो ड्रिल ऑफिसर (सी.डी.ओ .) हवलदार तरसेम सिंह के नाम पर ली जा रही थी, जो गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया है।
यह खुलासा करते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी 5वीं कमांडो बटालियन में तैनात एक अन्य हवलदार परमिंदर सिंह द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सी डी ओ तरसेम सिंह ने एक पुलिस केस के कारण नौकरी से दो साल की स्थायी बर्खास्तगी संबंधी विभागीय जांच में मदद करने के बदले 50,000 रुपए की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार, तरसेम सिंह ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह यह रिश्वत की राशि उसके सहयोगी हवलदार नछत्तर सिंह को सौंप दे क्योंकि वह स्वयं पैसे लेने के लिए उपलब्ध नहीं था।
प्रवक्ता ने बताया कि इस सूचना के आधार पर विजिलेंस ब्यूरो ने प्रारंभिक जांच की और बठिंडा यूनिट की टीम ने जाल बिछाकर हवलदार नछत्तर सिंह को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथो काबू कर लिया।
इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो के थाना बठिंडा रेंज में दोनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। विजिलेंस ब्यूरो द्वारा फरार चल रहे तरसेम सिंह को पकड़ने के प्रयास जारी हैं और मामले की आगे जांच की जा रही है।

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