April 13, 2026

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अमेरिका से भारतीयों की वतन वापसी: पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम की कार्रवाई जारी; पांच नई एफआईआर दर्ज, दो और ट्रैवल एजेंट गिरफ्तार

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जालंधर ब्रीज: भोले-भाले लोगों का शोषण करने वाले धोखेबाज इमिग्रेशन एजेंटों के खिलाफ अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए, ए.डी.जी.पी. (एन.आर.आई. मामलों) प्रवीण सिन्हा के नेतृत्व वाली पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एस.आई.टी.) ने ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ पांच नई एफआईआर दर्ज की हैं और दो और धोखेबाज ट्रैवल एजेंटों को गिरफ्तार किया है।

इस कार्रवाई के साथ अब तक कुल एफआईआर की संख्या 15 हो गई है, जबकि गिरफ्तारियों की संख्या तीन हो गई है। ये एफआईआर उन एजेंटों के खिलाफ दर्ज की गई हैं, जिन्होंने कथित रूप से पीड़ितों को अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश दिलाने के झूठे वादे कर ठगा था, जिसके परिणामस्वरूप उनकी (पीड़ितों)वतन वापसी हुई।

हाल ही में दर्ज एफआईआर 17 और 18 फरवरी 2025 को तरनतारन, एस.ए.एस. नगर, मोगा और संगरूर जिलों में दर्ज की गईं। गैर-अधिकृत नेटवर्कों के माध्यम से काम करने वाले आरोपी एजेंट, पीड़ितों से सुरक्षित और कानूनी इमिग्रेशन रास्तों का वादा कर मोटी रकम वसूलते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अमानवीय परिस्थितियों, नजरबंदी और अंततः वतन वापसी का सामना करना पड़ता है।

दर्ज हुई एफआईआर नंबर 25 (17.02.2025): यह एफआईआर तरनतारन के पट्टी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसमें चंडीगढ़ और यमुनानगर से संचालित एक एजेंट ने कानूनी इमिग्रेशन का झांसा देकर एक पीड़ित से 44 लाख रुपये की ठगी की थी, लेकिन उसे निकारागुआ और मेक्सिको के रास्ते भेजा गया, विरुद्ध दर्ज की गई है और एफआईआर नंबर 19 (17.02.2025): यह एफआईआर एस.ए.एस. नगर के माजरी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसमें एजेंट मुकुल और गुरजिंदर अंटाल के विरुद्ध दर्ज की गई, जिन्होंने  एक पीड़ित को गुमराह कर 45 लाख रुपये वसूले और उसे कोलंबिया और मेक्सिको के रास्ते भेजा।

इसी तरह एफआईआर नंबर 30(18.02.2025) को मोगा के धर्मकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई, जिसमें आरोपी सुखविंदर सिंह, तलविंदर सिंह, प्रीतम कौर और गुरप्रीत सिंह शामिल हैं। ये सभी चंडीगढ़ के एकम ट्रैवल्स से जुड़े हैं। इन्होंने झूठे वर्क परमिट और सीधी अमेरिका फ्लाइट का लालच देकर एक पीड़ित से 45 लाख रुपये वसूले, लेकिन उसे प्राग, स्पेन और एल साल्वाडोर के रास्ते भेजा गया।

शेष दो एफआईआर नंबर 15 (18.02.2025): यह एफआईआर संगरूर के खनौरी पुलिस थाना में हरियाणा के अंगरेज सिंह और जगजीत सिंह द्वारा संचालित वीजा और ट्रैवल कंपनी के खिलाफ दर्ज की गई। इन्होंने पीड़ित को कनाडा का वीजा दिलाने का वादा कर 50 लाख रुपये ठगे, लेकिन उसे मिस्र, दुबई, स्पेन, ग्वाटेमाला और निकारागुआ के रास्ते भेज दिया।एफआईआर नंबर 95 (18.02.2025): यह एफआईआर गोइंदवाल साहिब पुलिस स्टेशन में एजेंट गोल्डी के खिलाफ दर्ज की गई, जो दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के पास काम कर रहा था। उसने एक पीड़ित से अमेरिका में कानूनी प्रवेश दिलाने के नाम पर 45 लाख रुपये ठगे।

जैसे कि ऊपर बताया गया है,
संगरूर पुलिस ने ट्रैवल एजेंट अंगरेज सिंह और जगजीत सिंह को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी हाल ही में पटियाला के एनआरआई पुलिस थाने द्वारा की गई एक अन्य गिरफ्तारी के कुछ दिनों बाद हुई है।

जिक्र योग्य है कि मानव तस्करी नेटवर्क की पूरी पहचान के लिए एस.आई.टी. साइबर क्राइम यूनिट, वित्तीय अधिकारियों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ सक्रिय रूप से समन्वय कर रही है। जिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) और पुलिस कमिश्नर (सीपी) जांच तेज कर रहे हैं, जिससे कई गिरफ्तारियां हुई हैं और मानव तस्करी नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने दोहराया कि पंजाब पुलिस इन धोखेबाज इमिग्रेशन सिंडिकेट्स को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने पीड़ितों से बिना किसी डर के आगे आने की अपील की और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया।

उन्होंने जनता को सलाह दी कि वे किसी भी विदेश यात्रा प्रबंध में शामिल होने से पहले केवल लाइसेंसशुदा इमिग्रेशन सलाहकारों से परामर्श करें और किसी भी भुगतान से पहले एजेंटों के प्रमाण पत्रों व व्यावसायिक विवरणों की पूरी तरह से पुष्टि कर लें।

पंजाब पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि वे गैर-लाइसेंसशुदा ट्रैवल एजेंटों की पहचान करने और रिपोर्ट करने में सहयोग करें, ताकि भोले-भाले लोगों के शोषण को रोका जा सके।


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