जालंधर ब्रीज: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज पूसा, नई दिल्ली में आयोजित दो कार्यक्रमों में भाग लेते हुए कृषि एवं पशुधन क्षेत्र के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण का आह्वान किया। उन्होंने इस अवसर पर पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाण-पत्र वितरित किए और नस्ल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों, संस्थानों और पशुपालकों को सम्मानित किया

पशु नस्ल पंजीकरण प्रमाण-पत्र और नस्ल संरक्षण पुरस्कार वितरण समारोह
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि पशुधन हमारे जीवन और गांव की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार है। चौहान ने कहा कि भारत की नस्लें केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने ICAR और NDRI के वैज्ञानिकों की सराहना करते हुए कहा कि इन संस्थानों ने 2019 से नस्ल संरक्षण अभियान को नए आयाम दिए हैं।
“पुरस्कार जनता के बीच जाएं”
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऐसे समारोह जनता के बीच आयोजित हों, ताकि किसानों में प्रेरणा और गर्व की भावना बढ़े। उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि रचनात्मक खबरों को प्राथमिकता दी जाए ताकि देश को सही प्रेरणा मिल सके।
IARI में नए छात्रावास और शैक्षणिक भवन का भूमि पूजन
मकर संक्रांति पर बेटियों के लिए नई सौगात देते हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), पूसा में नए छात्रावास और शैक्षणिक भवन का भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया। यहां उन्होंने कहा कि इस छात्रावास के निर्माण से 300 बेटियों को आधुनिक और सुरक्षित सुविधा मिलेगी।

कृषि शिक्षा में सुधार और प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता
चौहान ने कहा कि खेती मजबूरी नहीं, नवाचार और अवसर का क्षेत्र है। उन्होंने सुझाव दिया कि एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों की ग्रेडिंग प्रणाली लागू हो, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिले और एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बने।
महिलाओं और युवाओं की बढ़ती भागीदारी
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में बेटियाँ अब कृषि शिक्षा में आगे बढ़ रही हैं, और नई पीढ़ी (Gen-Z) के नवाचार से कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिल रही है।
“खेती जीवन की रीढ़, नवाचार हमारी दिशा”
समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निर्माण का आह्वान करते हुए शिलान्यास के मौके पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि निर्माण कार्य समय-सीमा में पूरा होना चाहिए, ताकि जल्द उद्घाटन संभव हो। उन्होंने ठेकेदारों और अधिकारियों को गुणवत्ता और गति दोनों पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
समृद्ध भारत के लिए समन्वित प्रयासों का संदेश
दोनों कार्यक्रमों में श्री चौहान ने कहा कि भारतीय संस्कृति, विज्ञान और आधुनिकता का संगम ही कृषि और पशुधन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा। उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और युवाओं से मिलकर धरती, कृषि और पशुधन की रक्षा करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में ICAR के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट और IARI के निदेशक डॉ. सी श्रीनिवास राव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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