February 10, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

तमिलनाडु में इरोड हल्दी मंडी पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान, किसानों से किया संवाद

Share news

जालंधर ब्रीज: इरोड (तमिलनाडु)/नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को तमिलनाडु के ईरोड जिले स्थित प्रसिद्ध हल्दी मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मंडी परिसर का निरीक्षण किया और हल्दी उत्पादक किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने किसानों को आश्वस्त किया कि हल्दी उत्पादक किसानों के हितों की रक्षा और उनके उत्पाद को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए केंद्र सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इरोड में कृषि नवाचारों का लिया जायजा, 100 से अधिक कृषि उत्पादों के स्टॉल्स का किया निरीक्षण

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को तमिलनाडु प्रवास के दौरान इरोड का दौरा कर वहां कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कृषि उत्पादों के 100 से अधिक स्टॉल्स का निरीक्षण किया और किसानों व कृषि उद्यमियों से सीधे संवाद कर उनके उत्पादों, गुणवत्ता, और संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

स्मगलिंग के ज़रिए टर्मरिक लाई जाती है, जिससे हमारे किसानों को नुकसान होता है। इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए मैं संबंधित विभागों से बात करूँगा और सुनिश्चित करूँगा कि ऐसी गतिविधियाँ बंद हों और किसानों के हित सुरक्षित रहें।

इन सभी समस्याओं के ठोस समाधान के लिए मैं दिल्ली में एक बैठक बुलाऊँगा और आप सभी को उसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित करता हूँ।

“विकसित भारत– जी राम जी” से स्वावलंबी गांवों की दिशा में कदम, इरोड में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का ग्रामीणों, रोजगार सहायकों और मजदूर श्रमिक भाई-बहनों से संवाद

विकसित भारत–जी राम जी” योजना गरीबीमुक्त, रोजगारयुक्त, स्वयंपूर्ण और स्वावलंबी गांवों के निर्माण का संकल्प है। इसी को लेकर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज तमिलनाडु के इरोड में ग्रामीण भाई-बहनों से इस महत्वपूर्ण योजना पर विस्तृत चर्चा की और इसके प्रावधानों की जानकारी दी।

इस संवाद के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह ऐतिहासिक योजना गांवों में रोजगार सृजन, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आत्मनिर्भरता मजबूत करने की दिशा में एक ठोस पहल है। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के साथ ही विकसित और समृद्ध गांवों का सपना साकार होगा।


Share news