February 9, 2026

Jalandhar Breeze

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यूआईडीएआई ने 7-15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आधार बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क माफ किया, जिससे लगभग 6 करोड़ बच्चों को लाभ होगा

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जालंधर ब्रीज: जनहित में एक कदम उठाते हुए, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन (एमबीयू-1) के लिए सभी शुल्क माफ कर दिए हैं। इस कदम से लगभग 6 करोड़ बच्चों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

उक्त आयु वर्ग के लिए एमबीयू शुल्क में छूट 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो चुकी है तथा एक वर्ष की अवधि के लिए लागू रहेगी।

पाँच वर्ष से कम आयु का बच्चा अपनी तस्वीर, नाम, जन्मतिथि, लिंग, पता और जन्म प्रमाण पत्र प्रदान करके आधार के लिए नामांकन करा सकता है। पाँच वर्ष से कम आयु के बच्चे के आधार नामांकन के लिए उसके फिंगरप्रिंट और आईरिस बायोमेट्रिक्स नहीं लिए जाते क्योंकि उस आयु तक ये परिपक्व नहीं होते।

मौजूदा नियमों के अनुसार, बच्चे के पाँच साल का होने पर उसके आधार कार्ड में उंगलियों के निशान, आँखों की पुतली और तस्वीर का अपडेट अनिवार्य है। इसे पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) कहा जाता है। इसी तरह, बच्चे के 15 साल का होने पर उसे एक बार फिर बायोमेट्रिक अपडेट करवाना होता है, जिसे दूसरा एमबीयू कहा जाता है।

इस प्रकार, यदि पहली और दूसरी एमबीयू क्रमशः 5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष की आयु के बीच कराई जाती है, तो यह निःशुल्क होगी। इसके बाद, प्रति एमबीयू 125 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। इस निर्णय के साथ, अब 5-17 वर्ष की आयु के सभी बच्चों के लिए एमबीयू प्रभावी रूप से निःशुल्क हो गई है।

अद्यतन बायोमेट्रिक के साथ आधार जीवन को आसान बनाता है और स्कूल में प्रवेश, प्रवेश परीक्षाओं के लिए पंजीकरण, छात्रवृत्ति का लाभ उठाने, डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) योजनाओं आदि जैसी सेवाओं का लाभ उठाने में आधार के निर्बाध उपयोग को सुनिश्चित करता है, जहाँ भी लागू हो। माता-पिता/अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों/आश्रितों के बायोमेट्रिक्स को आधार में प्राथमिकता के आधार पर अपडेट करें।


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