April 12, 2026

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रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (सेना) द्वारा तीन दिवसीय रक्षा वित्तीय प्रबंधन पाठ्यक्रम (डीएफएमसी-II) (ऑनलाइन मोड के माध्यम से) 19-21 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा

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जालंधर ब्रीज: तीन दिवसीय रक्षा वित्तीयप्रबंधन पाठ्यक्रम (DFMC-II) प्रधान नियंत्रक रक्षा लेखा (सेना), चंडीगढ़ और सेना मुख्यालय पश्चिमी कमान (मुख्यालय पश्चिमी कमान), चंडीमंदिर द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह ऑनलाइन पाठ्यक्रम 19 दिसम्बर से 21 दिसम्बर 2023 के दौरान आयोजित किया जा रहा है।

उद्घाटन भाषण में दिनेश सिंह. आईडीएएस. रक्षा लेखा प्रधान नियंत्रक (सेना) ने पीसीडीए (सेना) चंडीगढ़ कार्यालय की भूमिका और जिम्मेदारियो पर प्रकाश डाला कि यह मुख्य रूप से आर्मी पश्चिमी कमान में स्थित इकाइयों और संरचनाओं के भुगतान, खातों और आंतरिक ऑडिट से निपटता है। उन्होंने इस पाठ्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रतिभागियों को सेना में खरीद और प्रावधान से संबंधित वित्तीय पहलुओं के बारे में संवेदनशील बनाएगा। प्रधान नियंत्रक ने रक्षा लेखा विभाग की दो प्रमुख चल रही ई-पहलों भुगतान एव संकलन पोर्टल और स्पर्श के बारे में भी बात की। भुगतान एव संकलन पोर्टल रक्षा मंत्रालय के तहत संगठनों मेंबजट, लेखांकन और भुगतान के लिए एक सर्व-समावेशी एकीकृत मंच है, स्पर्श पेंशन संवितरण के लिए एक वेब-आधारित प्रणाली है। ये उपकरण सेवा वितरण को और मजबूत करेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल देवेन्द्र शर्मा, चीफ ऑफ स्टाफ, पश्चिमी कमान ने सेना में शक्ति के बड़े प्र्त्यायोजन को देखते हुए बेहतर वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने ऐसे रक्षा वित्तीय पाठ्यक्रमों के महत्व को दोहराया जहां अधिक से अधिक प्रतिभागी लाभान्वित हो सकें। उन्होंने आशा व्यक्त की, कि भाग लेने वाले अधिकारी पीसीडीए (सेना) और मुख्यालय पश्चिमी कमान द्वारा आयोजित पाठ्यक्रम से रक्षा वित्तीय प्रबंधन के बारे में सीखेंगे ।

पाठ्यक्रम का संचालन श्रीमती निधि शर्मा, आईडीएएस संयुक्त रक्षा लेखा नियंत्रक पीसीडीए (सेना) और एफपी सेल (मुख्यालय पश्चिमी कमान) के अधिकारियो द्वारा किया जा रहा है। जिसमें सेना पश्चिमी कमान के अधिकार क्षेत्र के तहत विभिन्न इकाइयों और संरचनाओं में तैनात लगभग 90 सेना अधिकारियों ने भाग लिया।


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