February 13, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

आत्मनिर्भर भारत के लिए विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं

Share news

जालंधर ब्रीज:भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (IISF) अपनी तरह का एक ऐसा तंत्र है जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति आम लोगों का ध्यान आकर्षित करता है, ये कहना है श्री अनुज चांडक, उप निदेशक, रीजनल आउटरीच ब्यूरो (आरओबी), सूचना और प्रसारण मंत्रालय का। उन्होंने ,पत्र सूचना कार्यालय शिमला और रीजनल आउटरीच ब्यूरो, चंडीगढ़ द्वारा आज “आई. आई.एस.एफ. 2020: विज्ञान एवं आत्मनिर्भर भारत” पर एक वेबिनार के दौरान अपने स्वागत भाषण में यह बात कही। वेबिनार के दौरान श्री चांडक ने कहा कि आगामी विज्ञान महोत्सव भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी की मजबूती और संभावनाओं को प्रदर्शित करने का अवसर न केवल भारत के लोगों के लिए बल्कि पूरे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के लिए भी लाता है।

डॉ सुखजिंदर सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक CSIR- इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन बायोरसोर्स टेक्नोलॉजी, (CSIR- IHBT), पालमपुर, हिमाचल प्रदेश ने कहा कि संस्थान टेक्नो-कमर्शियल बातचीत, कॉन्ट्रैक्ट और IPR मुद्दों की सुविधा देता है, और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए उद्यमियों के साथ संपर्क स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि सीएसआईआर के अरोमा मिशन के तहत, संस्थान इस क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए हिमालयी सुगंधित फसलों की उन्नत किस्मों, कृषि विज्ञान, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन के विकास पर काम कर रहा है।

विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और उद्यमियों के प्रतिनिधियों ने भी सीएसआईआर-आईएचबीटी के साथ मिलकर काम करने के अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि संस्थान उनके सामने आने वाले मुद्दों को हल करने में बहुत सहायक, सहकारी और सक्रिय रहा है।श्री हिमांशु पाठक, सहायक निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, चंडीगढ़ ने वेबिनार का संचालन किया। सत्र का समापन श्री हितेश रावत, सहायक निदेशक, पत्र सूचना कार्यालय, चंडीगढ़ ने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत कर किया। चंडीगढ़ क्षेत्र के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों, हिमाचल प्रदेश के उद्यमियों और किसान उत्पादक संगठनों ने भी वेबिनार में भाग लिया।  


Share news