April 29, 2026

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रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट की कोशिश का मामला: मृतक के भाई के किये खुलासे के आधार पर आतंकी हार्डवेयर का बड़ा जखीरा बरामद, जिसमें आरपीजी, आरडीएक्स और पिस्तौल शामिल

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जालंधर ब्रीज: शंभू रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट की कोशिश से जुड़े मामले में पाकिस्तान समर्थित आईएसआई और खालिस्तान समर्थक आतंकी नेटवर्क की गहरी साजिश को एक और बड़ा झटका देते हुए पटियाला पुलिस ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी) अमृतसर के साथ संयुक्त अभियान में तरनतारन जिले के गांव पंजवाड़ खुर्द से एक रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी), हैंड ग्रेनेड, विस्फोटक सामग्री और आधुनिक पिस्तौलों सहित आतंकी हार्डवेयर का बड़ा जखीरा बरामद किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।

बरामद किए गए हथियारों में एक आरपीजी, 2.296 किलोग्राम वजनी मेटैलिक आईईडी (स्टिकी बम) के साथ इलेक्ट्रिक तार, बैटरी सहित तीन डेटोनेटर, 1.456 किलोग्राम वजनी आरडीएक्स के दो पैकेट, एक पी-86 हैंड ग्रेनेड, पांच मैगजीन और 84 जिंदा कारतूस सहित तीन पिस्तौलें शामिल हैं। इन पिस्तौलों में एक 9 एमएम ग्लॉक-18 सीएक्स (ऑस्ट्रिया), एक .30 बोर पीएक्स5 स्टॉर्म और एक .30 बोर स्टार मार्क शामिल हैं। इसके अलावा दो वायरलेस सेट (बाओफेंग), एक हेडफोन और दो टाइमर स्विच भी बरामद किए गए हैं।

यह सफलता सोमवार रात पटियाला जिले के शंभू के पास रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट की जांच के दौरान सामने आई, जिसमें आईईडी फिट करने की कोशिश के दौरान समय से पहले विस्फोट होने से जगरूप सिंह उर्फ जूपा की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि 12 घंटे से भी कम समय में पुलिस टीमों ने इस मॉड्यूल के चार कट्टरपंथियों को गिरफ्तार कर लिया था, जिनकी पहचान प्रदीप सिंह खालसा, कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा, सतनाम सिंह उर्फ सत्ता और गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, दो .30 बोर पिस्तौलें, आधुनिक संचार उपकरण और एक लैपटॉप बरामद किया था।

डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह नई बरामदगी गिरफ्तार आरोपी सतनाम सिंह उर्फ सत्ता के खुलासे के आधार पर हुई है, जो आईईडी फिट करते समय मारे गए मुख्य आरोपी जगरूप सिंह का भाई है।

उन्होंने कहा कि जांच में सामने आया है कि इस आतंकी मॉड्यूल को मलेशिया स्थित एक नेटवर्क द्वारा समर्थन मिल रहा था, जो जुझार सिंह नामक हैंडलर के माध्यम से फंडिंग भेज रहा था।

डीजीपी ने आगे बताया कि जुझार सिंह, जो इस मॉड्यूल के ऑपरेटरों को नियंत्रित कर रहा था, अमेरिका स्थित सुरिंदर सिंह ठीकरीवाल के संपर्क में था, जबकि पाकिस्तान स्थित रंजीत सिंह उर्फ नीटा—जो एक नामित व्यक्तिगत आतंकी है—भी एक गुप्त नेटवर्क के जरिए इस मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था।

डी जी पी गौरव यादव ने कहा कि जांच के दौरान 23 जनवरी 2026 को हुए सरहिंद रेलवे ट्रैक आईईडी ब्लास्ट केस और 6-7 नवंबर 2025 की रात सीआईए मोगा पर हुए ग्रेनेड हमले में भी इस मॉड्यूल की संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है।

कार्रवाई का विवरण साझा करते हुए एसएसपी पटियाला वरुण शर्मा ने बताया कि आरोपी सतनाम सिंह ने खुलासा किया कि इस खेप का बड़ा हिस्सा उसने और जगरूप सिंह ने तरनतारन जिले के गांव पंजवाड़ खुर्द में अपने तबेले और कार में छिपा रखा था।

एआईजी एसएसओसी अमृतसर सुखजिंदर सिंह मान ने बताया कि इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पटियाला पुलिस और एसएसओसी अमृतसर की संयुक्त टीम ने बताए गए स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और आतंकी हार्डवेयर का बड़ा जखीरा बरामद किया।

इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, विस्फोटक अधिनियम की धारा 3, 4 और 5, शस्त्र अधिनियम की धारा 25 तथा गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13, 16, 18 और 20 के तहत पुलिस स्टेशन कोतवाली पटियाला में पहले ही एफआईआर नंबर 76 दिनांक 28-04-2026 दर्ज की जा चुकी है।


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