February 26, 2026

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पंजाब एस.सी. आयोग के दख़ल के बाद में पीडि़त को सवा साल बाद न्याय मिला

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पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के दख़ल के बाद श्रीमती दलबीर कौर पत्नी चमन लाल, पत्ती दुनिया मनसूर, गाँव एवं थाना बिलगा, जि़ला जालंधर को सवा साल बाद न्याय मिला है और उसके पड़ोसी कृष्ण कुमार गुप्ता और उसके अन्य पारिवारिक सदस्यों द्वारा झगड़ा किए जाने, अमानवीय अत्याचार करने और जातिगत अप-शब्द बरतने के मामले में एस.सी/एस.टी. एक्ट 1989 संशोधित 2015 ( अत्याचार निवारण एक्ट) दर्ज किया गया है।  

इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए पंजाब एस.सी. आयोग के मैंबर ज्ञान चंद दीवाली ने बताया कि दलबीर कौर अपने पड़ोसी कृष्ण कुमार गुप्ता और उसके अन्य पारिवारिक सदस्यों द्वारा झगड़ा किए जाने, अमानवीय अत्याचार करने और जाति संबंधी अप-शब्द बरतने सम्बन्धी दरख़ास्त दी थी। शिकायत के अनुसार थाना बिलगा ( जालंधर) में उसके बयानों और दोषियों के खि़लाफ़ एफ.आई.आर. नम्बर 190/20 अ/ध 323/354/148-149 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था, परंतु अत्याचार निवारण एक्ट के अंतर्गत कार्यवाही नहीं की गई।

उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता ने अपने ऊपर हुए अत्याचार और लड़ाई की सी.डी. भी पुलिस को दी थी, परन्तु एस.सी./एस.टी. एक्ट लगाने के लिए एस.एस.पी. जालंधर द्वारा भी कोई कार्यवाही नहीं की गई। इसके उलट उसके और उसके परिवार के 7 सदस्यों और 107/150 के अंतर्गत थाना बिलगा द्वारा कार्यवाही कर दी गई। 

दिवाली ने बताया कि आयोग के दख़ल के बाद एस.एस.पी. जालंधर द्वारा मामला दर्ज किया गया है और लगभग सवा साल बाद शिकायत करने पर न्याय मिला है। उन्होंने बताया कि आयोग द्वारा पंजाब स्टेट कमीशन फॉर शड्यूल कास्ट एक्ट 2004 की धारा 10 (2) के अधीन एस.एस.पी. जालंधर को नोटिस निकाल कर शिकायत सम्बन्धी रिपोर्ट माँगी गई थी। जबकि एस.एस.पी. जालंधर द्वारा पत्र तारीख़ 03 जुलाई, 21 के द्वारा सूचित किया गया कि दोषियों के खि़लाफ़ चालान अदालत में 10 दिसंबर, 2020 को दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि एस.एस.पी. ने अपने पत्र में कहा था कि मुकदमा अदालत में चलने के कारण शिकायतकर्ता दलबीर कौर अपना पक्ष अदालत में रख सकती हैं।  

दिवाली ने बताया कि इस पत्र से आयोग द्वारा असहमति प्रकट की गई और डायरैक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को शिकायत सम्बन्धी पड़ताल करने के लिए लिखा गया। डायरैक्टर ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन द्वारा अपने पत्र तारीख़ 24 मई, 2022 के द्वारा आयोग को सूचित किया गया कि एस.एस.पी. जालंधर द्वारा डायरैक्टर ब्यूरो को अपने पत्र तारीख़ 13 मई, 22 के द्वारा सूचित किया गया है कि इस शिकायत के आधार पर शिकायतकर्ता द्वारा पेश की गई पैन ड्राइव को जाँचने के उपरांत मुकदमा नंबर 190 तारीख़ 19 सितम्बर, 2020 में जुर्म 3 (1) ( आर) एस.सी/एस.टी. एक्ट 1989 संशोधित 2015 किया गया है और इस सम्बन्धी चालान धारा 173 (8) के अधीन तैयार करके अदालत में पेश किया जायेगा।  


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