जालंधर ब्रीज: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पुलिसिंग की कार्य कुशलता को और बेहतर बनाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तहत पंजाब पुलिस ने किसी भी पुलिस थाने या यूनिट में तैनात मुख्य हवलदार (मुंशी) के लिए कार्यकाल सीमा अधिकतम दो वर्ष निर्धारित कर दी है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव द्वारा सोमवार को जारी किए गए आदेश में लिखा गया है, “जवाबदेही सुनिश्चित करने, पुलिसिंग की कुशलता में सुधार लाने और पुलिस बल में पेशेवर विकास को बढ़ावा देने के मद्देनजर यह आदेश जारी किया जाता है कि किसी भी पुलिस थाने या यूनिट में तैनात एमएचसी (मुख्य हवलदार मुंशी) का कार्यकाल उस थाने या यूनिट में दो वर्षों की अवधि से अधिक नहीं होगा।”
आदेश में यह भी कहा गया है कि दो वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर संबंधित अधिकारी को किसी अन्य थाने या यूनिट में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस आदेश में आगे लिखा गया है कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे और इनका सख्ती से पालन करना होगा। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डीजीपी गौरव यादव ने जोर देकर कहा कि यह कदम पूरी तरह से प्रशासनिक है और एक गतिशील एवं जवाबदेह पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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