जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार ने स्कूली विद्यार्थियों के लिए शारीरिक शिक्षा के साथ संबंधित क्रियाएं ज़रूरी करने का फ़ैसला किया है। यह निर्णय कोविड -19 के बाद स्कूल खुलने पर लागू होगा।पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता के अनुसार शिक्षा मंत्री श्री विजय इंदर सिंगला द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद डायरैक्टर एस.सी.ई.आर.टी. ने इस सम्बन्ध में समूह जि़ला शिक्षा अधिकारियों और स्कूल मुखियों को पत्र जारी कर दिया है।
प्रवक्ता के अनुसार पहली से लेकर बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए शारीरिक क्रियायों के लिए अलग अलग खेल शामिल किए गए हैं। इन शारीरिक क्रियायों के साथ विद्यार्थियों का ‘खेलो पंजाब, बढ़ो पंजाब’ अधीन मुकम्मल जांच मुल्यांकन का टैस्ट लिया जाया करेगा।प्रवक्ता के अनुसार विद्यार्थियों के लिए शारीरिक क्रियाएं शुरू करने का उद्देश्य उनके भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानना, उनके समग्र विकास को यकीनी बनाना और उनको सही दिशा प्रदान करना है।
इसका मकसद प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों का चयन करके उनको खेल सम्बन्धी उच्च स्तरीय मंच प्रदान करना भी है। प्रवक्ता के अनुसार इन शारीरिक क्रियायों के साथ विद्यार्थी शारीरिक तौर पर तंदुरुस्त होने के साथ-साथ उनमें लचीलापन बढ़ेगा और उनकी मासपेशियाँ मज़बूत होंगी। इससे विद्यार्थियों में सहनशीलता, एकाग्रता और पढ़ाई के प्रति रूचि बढ़ेगी और शारीरिक संतुलन पैदा होने के अलावा उनमें नेतृत्व की भावना पैदा होगी।

More Stories
विजिलेंस ब्यूरो ने सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी को 50,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों किया काबू
अमृतसर के भिंडी सैदां पुलिस थाने पर ग्रेनेड हमले के पीछे पाक-आईएसआई का हाथ; दो पिस्तौल सहित छह गिरफ्तार
भगवंत मान सरकार का ऐतिहासिक फैसला; बेअदबी के लिए उम्र कैद की सजा