जालंधर ब्रीज: पंजाब सरकार ने राज्य में हरी-श्रेणी के अधीन आने वाले उद्योगों को स्वै-प्रामाणिकता के आधार पर स्थापित करने सम्बन्धी सहमति (सीटीई) / चालू करने सम्बन्धी सहमति (सीटीओ) देने का अहम फ़ैसला किया है, जिससे राज्य में उद्योगों को और प्रफुल्लित किया जा सके। यह जानकारी देते हुए एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वै-प्रामाणिकता के आधार पर सीटीई / सीटीओ को मंज़ूरी देकर हरी श्रेणी वाले उद्योगों की स्थापना और संचालन को और आसान कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की इस पहलकदमी से राज्य में औद्योगिक आधार को और मज़बूत करने के साथ-साथ निवेश को भी आकर्षित किया जाएगा। प्रवक्ता ने आगे बताया कि पहले उक्त मंज़ूरियां प्राप्त करने के लिए मौके पर जाकर / उद्योग का दौरा करने के बाद औसतन 21 दिनों का समय लगता था। राज्य सरकार की इस पहलकदमी से हरी श्रेणी के अधीन उद्योगों को सीटीई / सीटीओ उसी दिन याने ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन पत्र दाखि़ल करने वाले दिन ही प्राप्त हो जाएंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड द्वारा उक्त मंजूरियों सम्बन्धी ऑटो अनुदान शुरू करके उद्योगों के लिए यह सेवा पहले ही उपलब्ध करवाई जा चुकी है। जि़क्रयोग्य है कि पंजाब के अंदर ग्रीन श्रेणी के उद्योगों को 1 अप्रैल, 2020 से 30 अप्रैल, 2020 तक कोविड-19 के चलते पाबंदियों के दौरान, पानी (प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 के तहत 29 सी.टी.ई., 99 सी.टी.ओ जबकि हवा (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के अंतर्गत 181 सी.टी.ओ. को मंज़ूरी दी गई है।

More Stories
विदेश स्थित गैंगस्टर का गुर्गा पिस्तौल सहित बठिंडा से गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो ने पटवारी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार
आप ने पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के लिए सांसद मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद को बनाया चुनाव इंचार्ज