September 28, 2026

Jalandhar Breeze

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पंजाब के मुख्य सचिव द्वारा कम्प्रैस्ड बायोगैस और बायोमास पावर प्रोजैक्ट डिवैल्परों और उद्योगपतियों की समस्याएँ हल करने के निर्देश

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जालंधर ब्रीज: पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने कम्प्रैस्ड बायोगैस (सी.बी.जी.) प्रोजैक्टों, बायोमास पावर प्रोजैक्टों, बायो-ईथैनॉल प्रोजैक्ट डिवैल्परों और अपने उद्योगों में धान की पराली का प्रयोग करने वाले उद्योगपतियों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योगों में धान की पराली का निपटारा करने वाले डिवैल्पर/उद्योगपति प्रदूषण को घटाने में अहम भूमिका निभाते हैं।  

उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार धान की पराली के प्रयोग से बिजली पैदा करने वाले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से यत्नशील है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार बायोमास पावर प्रोजैक्टों में पैदा होने वाली सारी बिजली की खरीद करने की कोशिश करेगी। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा सी.ई.आर.सी./पी.एस.ई.आर.सी. द्वारा नोटीफाईड टैरिफ और बायोमास पावर प्रोजैक्टों के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा निर्धारित टैरिफ के दरमियान अंतर को पाटने के लिए व्यवहार्यता गैप फंडिंग प्रदान की जाएगी।  

बैठक के दौरान कुछ उद्योगपतियों ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, वाणिज्य एवं उद्योग, पेडा, पीएयू, बिजली विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित कुछ मुद्दे और समस्याएँ उठाईं। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समस्याएँ हल करने के निर्देश दिए।  

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि यदि किसी उद्योगपति को अलग-अलग विभागों से क्लीयरेंस और एन.ओ.सी. लेने में कोई दिक्कत पेश आती है तो वह पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमैंट प्रमोशन (निवेश पंजाब) की सिंगल विंडो के द्वारा जल्द क्लीयरेंस/मंजूरियों के लिए प्रमुख सचिव, वाणिज्य और उद्योग के साथ संपर्क कर सकते हैं। मुख्य सचिव ने डिवैल्परों को दरपेश समस्याओं के हल के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने डिवैल्परों को बिना किसी झिझक के सम्बन्धित विभागों और उनके कार्यालय तक पहुँच करने के लिए कहा।  

पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने कम्प्रैस्ड बायोगैस (सी.बी.जी.) प्रोजैक्टों, बायोमास पावर प्रोजैक्टों, बायो-ईथैनॉल प्रोजैक्ट डिवैल्परों और अपने उद्योगों में धान की पराली का प्रयोग करने वाले उद्योगपतियों के साथ एक अहम बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योगों में धान की पराली का निपटारा करने वाले डिवैल्पर/उद्योगपति प्रदूषण को घटाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने उद्योगपतियों को आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार धान की पराली के प्रयोग से बिजली पैदा करने वाले उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह से यत्नशील है। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार बायोमास पावर प्रोजैक्टों में पैदा होने वाली सारी बिजली की खरीद करने की कोशिश करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री के साथ विचार-विमर्श करने के उपरांत राज्य सरकार द्वारा सी.ई.आर.सी./पी.एस.ई.आर.सी. द्वारा नोटीफाईड टैरिफ और बायोमास पावर प्रोजैक्टों के लिए पी.एस.पी.सी.एल. द्वारा निर्धारित टैरिफ के दरमियान अंतर को पाटने के लिए व्यवहार्यता गैप फंडिंग प्रदान की जाएगी।  

बैठक के दौरान कुछ उद्योगपतियों ने कृषि विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, वाणिज्य एवं उद्योग, पेडा, पीएयू, बिजली विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से संबंधित कुछ मुद्दे और समस्याएँ उठाईं। मुख्य सचिव ने सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही समस्याएँ हल करने के निर्देश दिए।  

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि यदि किसी उद्योगपति को अलग-अलग विभागों से क्लीयरेंस और एन.ओ.सी. लेने में कोई दिक्कत पेश आती है तो वह पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमैंट प्रमोशन (निवेश पंजाब) की सिंगल विंडो के द्वारा जल्द क्लीयरेंस/मंजूरियों के लिए प्रमुख सचिव, वाणिज्य और उद्योग के साथ संपर्क कर सकते हैं। मुख्य सचिव ने डिवैल्परों को दरपेश समस्याओं के हल के लिए राज्य सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने डिवैल्परों को बिना किसी झिझक के सम्बन्धित विभागों और उनके कार्यालय तक पहुँच करने के लिए कहा।  


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