जालंधर ब्रीज: पंजाब मंत्रीमंडल की शुक्रवार को हुई मीटिंग में कोविड-19 के खि़लाफ़ जंग में राज्य के प्राईवेट अस्पतालों को शामिल करने संबंधी ‘पंजाब क्लिनीकल एस्टेबलिशमेंट (रजिस्ट्रेशन एंड रैगूलेशन) आर्डीनैंस 2020’ को मंज़ूर करने का फ़ैसला लिया गया।वीडियो काँफ्रेंसिंग के द्वारा हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि कोविड -19 के खि़लाफ़ जंग में प्राईवेट अस्पतालों को शामिल करने की ज़रूरत थी।
मंत्रीमंडल ने कानूनी पक्ष विचारने के बाद इस बिल का मसौदा मंज़ूर करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकारित किया।कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि लम्बी खिंचती लग रही इस जंग में राज्य के बड़े हित में सभी स्रोतों को लगाने की बहुत ज़्यादा ज़रूरत थी।
यह आर्डीनैंस, मैडीकल अदारों को रजिस्ट्रेशन और रैगूलेशन मुहैया करेगा जिससे आम व्यक्तियों को उचित सेहत सेवाएं यकीनी बनाने के लिए प्राईवेट अस्पतालों की कार्यप्रणाली को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ सभी क्लिनीकल मापदंड और प्रोटोकोलों की पालना के लिए पाबंद किया जाये।
प्रस्तावित कानून के मुताबिक इस आर्डीनैंस के ज़रिये मैडीकल अदारों की रोज़ाना की कार्यप्रणाली में कोई नाजायज दख़ल नहीं दिया जायेगा। यह कानून शुरुआती तौर पर हरियाणा की तरह 50 बिस्तरों या उससे अधिक वाले अस्पतालों पर लागू होगा।
यह भी प्रस्ताव किया गया कि ‘पंजाब हैल्थ कौंसिल’ का नेतृत्व किसी अधिकारी की जगह राष्ट्रीय स्तर के किसी माहिर या पेशेवर को सौंपा जा सकता है और इसमें दो और पेशेवरों को सदस्यों के तौर पर शामिल किया जा सकता है।

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