February 26, 2026

Jalandhar Breeze

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पंजाब व हरियाणा का गेहूं की राष्ट्रीय खरीद में महत्वपूर्ण योगदान

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जालंधर ब्रीज:

पंजाब व हरियाणा राज्यों ने गेहूं की राष्ट्रीय खरीद में महत्वपूर्ण योगदान डाला है। सरकारी एजेन्सियों ने 16.06.2020 को गेहुं की खरीद के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं क्योंकि केन्द्रीय पूल के लिए कुल 382 लाख मीट्रिक टन गेहूं की ख़रीद की गई है। यह आंकड़ा वर्ष 2012-13 में प्राप्त किए गए गेहुं की खरीद के 381.48 लाख मीट्रिक टन के पछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ गया है। इस बार कुल 382 लाख मीट्रिक टन में से पंजाब ने 127 लाख मीट्रिक टन तथा हरियाणा ने 74 लाख मीट्रिक टन गेहुं की ख़रीद की है। यह उपलब्धि ऐसे समय हासिल की गई है, जब कोविड-19 की महामारी के कारण चल रहे कठिन समय के दौरान समस्त देश में लॉकडाऊन लगा हुआ था।

खरीद केन्द्रों की संख्या बढ़ाने, टोकन सिस्टम्स द्वारा मण्डियों में प्रतिदिन लोगों के आगमन को नियंत्रित करने, नियमित रूप से सैनिटाईज़िंग करने, प्रत्येक किसान के लिए गेहुं लाने के लिए क्षेत्रों की बांट आदि जैसे कदमों ने ही सुनिश्चित किया कि देश में कोई भी अनाज खरीद केन्द्र कोविड-19 का हॉट-स्पॉट नहीं बना। इस वर्ष पारंपरिक मण्डियों के अतिरिक्त सभी संभावी स्थानों पर खरीद केन्द्र खोल कर इन केन्द्रों की संख्या 14,838 से बढ़ा कर 21,869 कर दी गई थी। समस्त भारत में 42 लाख किसानों को लाभ हुआ तथा उन्हें गेहुं के न्यूनतम समर्थन मूल्य के तौर पर 73,500 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया। पंजाब के 127 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले में मध्य प्रदेश ने 129 लाख मीट्रिक टन गेहुं की ख़रीद के साथ केन्द्रीय पूल में अधिकतम योगदान डाला।

प्रथम लॉकडाऊन के कारण खरीद प्रारंभ होने में 15 दिनों की देरी हो गई थी तथा गेहुं की अधिक पैदावार वाले राज्यों में यह 15 अप्रैल से प्रारंभ हुई थी, जबकि प्रायः यह शुरुआत प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल से हो जाती है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई – FCI) के नेतृत्व में राज्य सरकारों व सभी राजकीय खरीद एजेन्सियों द्वारा यह सुनिश्चित करने हेतु असाधारण प्रयास किए गए थे कि किसानों से गेहुं बिना किसी देरी के व सुरक्षित ढंग से ख़रीद ली जाए।


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