जालंधर ब्रीज: नशे के खात्मे के लिए पंजाब सरकार के निर्णायक अभियान ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ को जिले में और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज जिला पुलिस और नशा मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियों की एक विशेष बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता एस.एस.पी संदीप कुमार मलिक ने की जिसमें सभी एस.पीज, डी.एस.पीज और एस.एच.ओज के साथ मोर्चा के जिला प्रधान सतवंत सिंह सियाण एवं समस्त विधानसभा कोआर्डिनेटर उपस्थित हुए।
एस.एस.पी मलिक ने स्पष्ट किया कि डी.जी.पी पंजाब के निर्देशानुसार जिले में नशे के खात्मे के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास हो रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि पंजाब पुलिस अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है ताकि जिले को नशा मुक्त किया जा सके। उन्होंने बताया कि अगस्त महीने से गांवों और शहरी वार्डों में ‘विलेज व वार्ड डिफेंस कमेटी’ द्वारा व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि जन सहभागिता को अधिकतम किया जा सके।

बैठक में यह तय किया गया कि नशा उन्मूलन के अगले चरण में पुलिस और सामाजिक संगठनों का तालमेल और मजबूत किया जाएगा। जिले में ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई के साथ-साथ जनमानस को जागरूक करना प्राथमिकता रहेगी। एस.एस.पी ने स्पष्ट किया कि नशे से लड़ाई सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सामाजिक आंदोलन बनाकर जड़ से खत्म करना लक्ष्य है।
जिला कोआर्डिनेटर सतवंत सिंह सियाण ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रहा यह अभियान प्रदेश को नशे की बुराई से मुक्ति दिलाने के लिए मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में जो उपलब्धियां मिली, वे प्रेरणादायक हैं। दूसरे चरण में और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे, जिससे नशे की पैठ का पूर्णतः खात्मा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने बताया कि बैठक में अनेक विषयों पर गहन चर्चा हुई जिसमें प्रशासनिक सहयोग, जन सहभागिता, उपचार केंद्रों की भूमिका और सूचना नेटवर्क को मजबूत करने जैसे पहलुओं को शामिल किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आपसी तालमेल से इस अभियान को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके पर उपाध्यक्ष डा. मुकेश कंडा, विधान सभा कोआर्डिनेटर बलजीत सिंह चब्बेवाल, जसवीर सिंह, बलविंदर ढिल्लों, कैप्टन तरसेम सिंह, कंचन दियोल, परमिंदर सिंह सज्जणां, गुरप्रीत सिंह, जसवीर सिंह के अलावा समूह पुलिस अधिकारी मौजूद थे।

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