June 24, 2026

Jalandhar Breeze

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‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के अंतर्गत इस क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है

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जालंधर ब्रीज:‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत घोषित किए गए आर्थिक पैकेजों ने इस क्षेत्र के हितधारकों के बीच सकारात्मकता पैदा की है। विभिन्न क्षेत्रों व वर्गों को समाविष्ट करते हुए वित्त मंत्री श्रीमति निर्मला सीतारमण ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के तहत पांच चरणों में आर्थिक पैकेज घोषित किए थे। भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 12 मई, 2020 को देश को आत्मनिर्भर बनाने हेतु ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण का ज़ोरदार आह्वान किए जाने के बाद यह घोषणाएं की गईं थीं।

जैसे कि हालिया घोषणाओ में प्रस्ताव रखा गया है, वर्तमान परिस्थितियों में सब से अधिक प्रभावित हुए स्ट्रीट वेंडरों को सुगमता से ऋण दिलवाने हेतु एक माह के भीतर विशेष योजना प्रारंभ की जाएगी ताकि वे अपने कारोबार पुनः शुरु करने के योग्य हो सकें। इस योजना के तहत प्रत्येक उद्यम के लिए 10,000 रुपए की प्रारंभिक वर्किंग कैपीटल के तौर पर बैंक ऋण सुविधा दी जाएगी। यह योजना शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण व्यवसायी विक्रेताओं के लिए होगी। डिजीटल भुगतानों का उपयोग करने तथा समय पर राशि वापिस करने पर रुपए-पैसे के रूप में प्रतिफलों के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा। यह अनुमान है कि इस योजना के तहत 50 लाख स्ट्रीट वेंडरों को लाभ पहुंचेगा तथा उन्हें कुल 5,000 करोड़ रुपए ऋण के तौर पर दिए जाएंगे। लुधियाना में दूध व दहीं विक्रेता कमलेश कुमार ने स्ट्रीट वेंडरों के लिए घोषित योजना का लाभ लेने की इच्छा प्रकट की।

व्यवसाय करना सुगम बनाने हेतु दीवालियापन की कार्यवाहियों की शुरुआत करने के लिए न्यूनतम सीमा बढ़ा कर 1 करोड़ रुपए (1 लाख रुपए से, जिससे सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों को अधिकतर लाभ मिलेगा) कर दी गई है। अंतर्राष्ट्रीय नीतिगत सलाहकार डॉ. एस.के. चड्ढा अनुसार यह व्यापार उद्वोग व लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमईज़) हेतु एक बड़ी राहत है तथा इससे एसएमई क्षेत्र फालतू विधिक कार्यवाहियां से बच जाएगा।

गत सप्ताह घोषित किए गए कृषि विपणन सुधारों से संबंधित व्यवस्थाओं की बात करते हुए किसान सतपाल सिंह ने कहा कि इससे उन जैसे किसानों को अपनी फ़सलें बेचने हेतु अन्य विकल्प मिल जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पीएम-किसान के तहत 2,000 रुपए प्राप्त हुए हैं। वित्त मंत्री ने गत सप्ताह घोषणा की थी कि किसान अपनी फ़सल लाभदायक मूल्य पर बेच सकें, बिना किसी रुकावट के अंतर-राज्य व्यापार कर सकें तथा कृषि उपज के ई-व्यापार हेतु एक ताना-बाना उपलब्ध हो सके; इस के लिए एक केन्द्रीय अधिनियम तैयार किया जाएगा। जहां तक शिक्षा के डिजीटलकरण का संबंध है, के बारे में हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित सरकारी कालज के प्रिंसीपल डॉ. पी.के. सलारिया ने कहा कि हाल ही में घोषित किए गए आर्थिक पैकेजों में इसको प्रमुखता दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र से संबंधित घोषित की गईं कुछ पहलकदमियों में पीएम ई-विद्या, मनोदर्पण, नया राष्ट्रीय पाठ्यक्रम तथा अध्यापन संरचना, नेश्नल फ़ाऊण्डेशनल लिट्रेसी एण्ड न्यूम्रेसी मिशन शामिल हैं।


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