जालंधर ब्रीज: जालंधर सेंट्रल के विधायक रमन अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने बुधवार को कहा कि सिविल अस्पताल के डाक्टरों को इलाज के लिए आने वाले मरीजों को दवाओं के ‘साल्ट’ लिख कर देने चाहिए ताकि वे सस्ती दवाएं खरीद सकें।
उन्होंने कहा कि किसी विशेष कंपनी या ब्रांड की दवा की सिफारिश न की जाए, जिसे मरीज न केवल सस्ती बल्कि किसी भी दुकान से दवाई खरीद सकें।
यहां जिला प्रशासकीय परिसर में रोगी कल्याण समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधायक रमन अरोड़ा और डिप्टी कमिश्नर विशेष सारंगल ने कहा कि सरकारी डाक्टरों को दवाओं का ‘साल्ट’ लिखना चाहिए ताकि मरीजों को महंगी दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न होना पड़े।
एक अन्य आदेश में विधायक और डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि 31 दिसंबर तक एलिवेटर/लिफ्ट लगाने का काम पूरा कर सी.एस.दफ्तर को जल्द ही नशा मुक्ति केंद्र की इमारत में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
उन्होंने सिविल अस्पताल एवं सी.एस. दफ्तर के अधिकारियों को कर्मचारियों के लिए कमरे और बैठने का सही प्रबंध करने के लिए सांझा तौर पर साइट का दौरा करने को भी कहा। उन्होंने यह भी बताया कि बाद में सी.एस. दफ्तर की इमारत को तोड़कर वहां क्रिटिकल केयर यूनिट (सी.सी.यू.) का काम शुरू किया जाएगा।
इसके इलावा उन्होंने जालंधर नगर निगम के अधिकारियों को सिविल अस्पताल से दिन में दो बार कूड़ा उठाने और जेट सक्शन मशीनों से सीवर लाइन की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।उन्होंने इस काम के लिए कर्मचारियों को तैनात करने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बुनियादी ढांचे में और सुधार कर लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।
इस अवसर पर मैडीकल सुपरडैंट डा. गीता, डी.एम.सी.डा ज्योति शर्मा आदि भी मौजूद रहे।

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