जालंधर ब्रीज: पंजाब के लोक निर्माण और बिजली मंत्री स. हरभजन सिंह ई. टी. ओ. ने माननीय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पंजाब बजट सत्र 3 मार्च से बुलाने सम्बन्धी किये फ़ैसला को लोकतंत्र की जीत बताया है।
आज यहाँ से जारी एक प्रैस बयान के द्वारा कैबिनेट मंत्री ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की तरफ से पंजाब बजट सत्र 3 मार्च से बुलाने सम्बन्धी पंजाब मंत्रालय के फ़ैसले पर मोहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला 3 करोड़ पंजाबियों के हक में आया फ़ैसला है।
स. हरभजन सिंह ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब डा. भीम राव अम्बेदकर की तरफ से बनाऐ गए संविधान के मुताबिक काम करते हुए ही यह लोकतंत्र कायम रह सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य में केंद्र सरकार की तरफ से नियुक्त किये जाते राज्यपाल केंद्र सरकार के वक्ता के तौर पर काम न करें बल्कि राज्य के लोगों के हित में लोगों की तरफ से चुनी गई सरकार की इच्छाओं और सलाह के मुताबिक अपनी ज़िम्मेदारी को निभाएं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की तरफ से पंजाब सरकार के हित में सुनाया गया फ़ैसला इस बात को प्रमाणित करता है कि राज्यपाल सरकार की तरफ से सत्र बुलाने सम्बन्धी भेजे गए प्रस्ताव को किसी हालत में अस्वीकार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि पंजाब के राज्यपाल की तरफ से संवैधानिक मूल्यों को दरकिनार करते हुये सरकार की तरफ से बजट सत्र को बुलाने की मंजूरी न देना लोकतंत्रीय रिवायतों का उल्लंघन है।
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार पंजाब और पंजाबियों की तरक्की के लिए काम कर रही है।

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