February 10, 2026

Jalandhar Breeze

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पेंशनभोगियों के जीवन में सुगमता और डिजिटल समावेशन को बढ़ावा देने के लिए 01 से 30 नवंबर 2025 तक राष्ट्रव्यापी डीएलसी अभियान 4.0

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शनागेन्द्र कुमार अवर सचिव ने अजनाला और अमृतसर में डीएलसी शिविरों का दौरा किया

जालंधर ब्रीज: पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्रालय,भारत सरकार, केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए 1 से 30 नवंबर, 2025 तक राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (डीएलसी) अभियान 4.0 आयोजित कर रहा है। डीएलसी अभियान 4.0 द्वारा संतृप्ति-आधारित दृष्टिकोण अपनाते हुए देशभर के 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों को कवर किया जा रहा है ताकि पेंशनभोगियों को कई डिजिटल तरीकों के माध्यम से अपने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा मिल सके।

वर्ष 2021 में शुरू की गई आधार-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के उपयोग को विभाग और अधिक बढ़ावा दे रहा है, जिससे पेंशनभोगी स्मार्ट फोन का उपयोग करके अपने घर बैठे आसानी से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकें। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (डाक विभाग) ने अति वरिष्ठ और दिव्यांग पेंशनभोगियों को डोरस्टेप डीएलसी सेवाएं प्रदान कीं, जबकि बैंकों, पेंशनभोगी संघों और क्षेत्रीय कार्यालयों ने जागरूकता शिविर आयोजित किए और ऑन-साइट सहायता प्रदान की।

वर्ष 2024 में आयोजित डीएलसी 3.0 में 1.62 करोड़ से भी अधिक डीएलसी जनरेट किए गए, जिनमें से 50 लाख फेस ऑथेंटिकेशन द्वारा जनरेट किए गए। डीएलसी अभियान 4.0 की प्रारंभिक रिपोर्टों से ऐसा प्रतीत होता है कि बैंकों, आईपीपीबी, यूआईडीएआई, मेटी, सीजीडीए, रेलवे और पेंशनभोगी कल्याण संघों के संयुक्त प्रयासों से इस वर्ष 2 करोड़ डीएलसी के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकेगा।

इस अभियान के दौरान श्री नागेंद्र कुमार, अवर सचिव, पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग, भारत सरकार, ने 06 नवंबर, 2025 को भारतीय स्टेट बैंक, अजनाला (पंजाब) और 07 नवंबर, 2025 को पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, अमृतसर, पंजाब के शिविरों में जाकर, पेंशनभोगियों से डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने के संबंध में चर्चा की। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अधिकारी ने भारतीय स्टेट बैंक, अजनाला, पंजाब एंड सिंध बैंक और इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक, अमृतसर, पंजाब के प्रतिनिधियों के साथ शिविरों में जाकर पेंशनभोगियों को फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का उपयोग करके जीवन प्रमाण जमा करने में मदद की और उन्हें इस प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की।


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