February 25, 2026

Jalandhar Breeze

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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा चलाई गई नशा विरोधी मुहिम का अटारी बॉर्डर पर समापन

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जालंधर ब्रीज:  नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा चलाई जा रही नशा विरोधी जागरूकता मुहिम का अंतिम दिन आज अटारी-वाघा बॉर्डर पर मनाया गया। इस मौके पर एक नुक्कड़ नाटक पेश किया गया, जिसमें नशे के घातक प्रभाव, तस्करी के खतरे और नशे से जुड़े सामाजिक-आर्थिक नुकसानों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर जनरल (उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र) संबित मिश्रा और एडिशनल डायरेक्टर शांतेश्वर स्वामी इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर उपस्थित रहे।

अंतिम दिन बीएसएफ के सहयोग से कुल दो कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहला कार्यक्रम बीओपी फतेहपुर और दूसरा कार्यक्रम अटारी-वाघा बॉर्डर पर आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान लोगों को नशे के नुकसान, ‘मानस पोर्टल’, नशों की अवैध तस्करी और 1933 हेल्पलाइन आदि के बारे में जागरूक किया गया।

इस अवसर पर एनसीबी के मुख्य प्रवक्ता ने संबोधित करते हुए लोगों से अपील की कि वे गांवों, वार्डों, गलियों, मोहल्लों में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाएं और नशा तस्करों के खिलाफ प्रशासन का साथ दें ताकि उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों को गांवों और शहरों के चौकीदार की तरह काम करते हुए नशे की चपेट में आए लोगों के इलाज और पुनर्वास में सरकार का सहयोग करना चाहिए, ताकि ऐसे लोगों को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर उन्हें नया जीवन जीने का अवसर दिया जा सके।

इस कार्यक्रम में देश-विदेश से पहुंचे यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग शामिल हुए। खालसा कॉलेज अमृतसर के छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को गहराई से झकझोर दिया और नशा विरोधी संदेश को सीधे और सरल ढंग से उन तक पहुँचाया।

मुहिम के दौरान पिछले कई दिनों में देशभर के विभिन्न शहरों, कस्बों और गांवों में नुक्कड़ नाटक, सेमिनार और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। हर जगह लोगों ने इस प्रयास की भरपूर सराहना की और नशा विरोधी मुहिम को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। अटारी बॉर्डर पर हुए अंतिम नुक्कड़ नाटक में विशेष तौर पर दर्शाया गया कि नशा तस्करी देश की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है और इसके रोकथाम के लिए सभी नागरिकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

समापन अवसर पर अधिकारियों ने ज़ोर देते हुए कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल किसी एक संस्था या सरकारी विभाग की नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे नशा विरोधी संदेश को घर-घर तक पहुंचाएं और नई पीढ़ी को नशामुक्त भविष्य देने में अपना योगदान दें।


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