जालंधर ब्रीज: कोविड-19 का फैलना रोकने हेतु लागू लॉकडाऊन के कारण उत्पन्न हुईं समस्याओं के समाधान के लिए, इस क्षेत्र के बड़ी संख्या में बेरोज़गार श्रमिकों को ‘महात्मा गांधी नेश्नल रूरल इमप्लायमैन्ट गारण्टी एक्ट’ (मनरेगा – MGNREGA) के अंतर्गत काम दिया जा रहा है। 17 मई, 2020 को गृह मंत्रालय के हालिया आदेश के बाद गतिविधियों में अन्य रियायतों से श्रमिकों की रोज़गार आवश्यकताएं तब तक पूरी होना सुनिश्चित होंगी, जब तक कि स्थिति सामान्य न हो जाए। हिमाचल प्रदेश के ऊना में ये कार्य श्रमिकों के लिए राहत बन कर आए हैं क्योंकि उन्होंने स्थानीय समुदाय के सिंचाई उद्देश्यों हेतु जल इकट्ठा करने के लिए टैंक बनाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। हरियाणा के कमालपुर से सुषमा ने भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें ‘मनरेगा’ (MGNREGA) कार्यक्रम के अंतर्गत काम मिला है।
‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के अंतर्गत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गत दिवस घोषणा की थी कि ‘मनरेगा’ के अंतर्गत अब 40,000 करोड़ रुपए अतिरिक्त रखे जाएंगे। पंजाब के साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर ज़िले के परमजीत सिंह ने कहा कि उनके गांव में इस योजना के अंतर्गत काम बहुत बढ़िया चल रहे हैं तथा इस अतिरिक्त राशि से ज़रूरतमन्दों हेतु रोज़गार सुनिश्चित होगा।
इस अतिरिक्त राशि से लगभग 300 करोड़ व्यक्ति-दिवस उत्पन्न होंगे तथा अन्य कार्यों की आवश्यकताएं पूरी होंगी व आगामी मानसून ऋतु में लौट रहे प्रवासी कामगारों को और काम मिल सकेगा। जल संरक्षण परिसंपत्तियों सहित बड़ी संख्या में टिकाऊ व आजीविका के संसाधन उत्पन्न होने से अधिक उत्पादन द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बढ़ोतरी होगी।




More Stories
आयकर विभाग द्वारा नए आयकर अधिनियम और टीडीएस/टीसीएस प्रावधानों पर सेमिनार का आयोजन
प्रधानमंत्री ने महान संत श्री गुरु रविदास महाराज जी को श्रद्धांजलि अर्पित की
केंद्रीय बजट 2026-27 का सारांश