जालंधर ब्रीज: मेहर चंद पॉलिटेक्निक कॉलेज, जालंधर में वर्ष 2024 के दौरान 70 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों की प्लेसमेंट हुई, जिसमें से 30 प्रतिशत विद्यार्थी विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों में चयनित हुए। सर्वाधिक वार्षिक पैकेज ₹3.90 लाख रहा जबकि औसत पैकेज लगभग ₹2.75 लाख रहा।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने बताया कि 35 प्रतिशत विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए चयनित हुए, जिसे भी एक प्रकार की प्लेसमेंट ही माना जाता है। डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री कोर्स में लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे दूसरे वर्ष में प्रवेश मिलता है। 10 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने अपना स्वरोजगार शुरू किया और उद्यमी बनने का सपना साकार किया।
फार्मेसी विभाग के 20 विद्यार्थी विभिन्न फार्मा कंपनियों और अस्पतालों में चयनित हुए। 17 विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा को चुना और 2 विद्यार्थियों ने अपनी स्वयं की केमिस्ट शॉप शुरू की। ऑटोमोबाइल विभाग के 14 विद्यार्थी ऑटो कंपनियों में चयनित हुए जबकि 4 विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा का रुख किया। इसी तरह सिविल विभाग से कुल 13, इलेक्ट्रिकल विभाग से 30, मैकेनिकल से 11, इलेक्ट्रॉनिक्स से 15 और कंप्यूटर विभाग से 27 विद्यार्थियों की प्लेसमेंट हुई।
प्रिंसिपल डॉ. जगरूप सिंह ने कहा कि यह देखा गया है कि डिप्लोमा करने वाले अधिकतर विद्यार्थी उच्च शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं। कॉलेज में एक “फिनिशिंग स्कूल” भी चलाया जाता है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्लेसमेंट से जुड़ी जागरूकता देना और उन्हें कंपनियों में नौकरियों के लिए तैयार करना है।
वर्ष 2024 में कॉलेज के कुल 114 विद्यार्थियों को प्लेसमेंट मिली। इस उपलब्धि पर प्रिंसिपल ने कॉलेज के मुख्य पदाधिकारियों, प्लेसमेंट अधिकारी राजेश कुमार तथा विभिन्न विभागों के टी.पी.ओ. सदस्यों को बधाई दी।
प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि भारत की राष्ट्रीय नीति के अंतर्गत विद्यार्थियों को कॉलेज में उद्यमिता के लिए भी तैयार किया जाता है, ताकि वे देश के विकास में योगदान दे सकें और नई नौकरियां सृजित कर सकें।

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