जालंधर ब्रीज: मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की तरफ से कोविड -19 महामारी दौरान राज्य को फिर से रास्ते पर लाने के लिए शुरू किये गए’मिशन फतेह’के अंतर्गत कई रैज़ीडैंट भलाई संस्थानों और एन.जी.ओज़ की तरफ से जिले के अलग -अलग हिस्सों में लोगों को कोरोना वायरस महामारी प्रति जागरूक करने के लिए जागरूकता मुहिम चलाई गई।
इस सम्बन्धित जानकारी देते हुए संयुक्त कमिशनर नगर निगम श्री हरचरन सिंह ने बताया कि जन जागरूकता लहर दौरान रैज़ीडैंट भलाई संस्थानों और एन.जी.ओज़ की तरफ से कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियों की जागरूकता पर ज़ोर दिया गया। उन्होनें कहा कि संस्थानों की तरफ से लोगों को सामाजिक दूरी बनाई रखने और अच्छी तरह नियमत तौर पर हाथ धोने के लिए प्रेरित किया गया जिससे कोरोना वायरस को हराया जा सके। उन्होनें बताया कि इस अवसर पर संस्थानों और एन.जी.ओज़ की तरफ से लोगों को’मिशन फतेह’प्रति जागरूक करने के लिए पैंफलेट और बैज बाँटे गए।
संयुक्त कमिशनर नगर निगम ने आगे बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जागरूकता मुहिम दौरान लोगों को हाथ धोने, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी की पालना को अपनी ज़िंदगी का हिस्सा बनाने के लिए उत्साहित किया गया। उन्होनें बताया कि इस दौरान लोगों को अवगत करवाया गया कि’मिशन फतेह’ मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिन्दर सिंह की दूर अन्देशी सोच का नतीजा है जो नोवल कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए अनुशासन, सहयोग और दया के दृढ़ संकल्प के तौर पर उभरेगा।
उन्होनें बताया कि मुख्यमंत्री पंजाब के इस मिशन के द्वारा लोगों के सुरक्षा प्रोटोकॉल, लाकडाऊन दौरान राज्य सरकार की तरफ से लगाई गई पाबंदियों की पालना में सरकार का सहयोग करने और गरीबों प्रति हमदर्दी रखने पर भी ज़ोर दिया गया। उन्होनें कहा कि’मिशन फतेह’श्री भुल्लर ने कहा कि रैज़ीडैंट भलाई संस्थानों और एन.जी.ओज़ की तरफ से इस संदेश का भी प्रचार किया गया कि यह मिशन हर मुश्किल घड़ी को जीत में बदलने के लिए पंजाबियों की चढ़डी कला का प्रतीक है।

More Stories
नगर निगम जालंधर की बड़ी कार्रवाई: जोन नंबर 7 में बकाया वसूली और अवैध कनेक्शन काटे
जालंधर में सीएनजी को बढ़ावा देने की मुहिम तेज, ट्रांसपोर्टर्स से बदलाव की अपील
पंजाब सरकार ने वाछिंत अपराधियों और गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए नई इनाम नीति को किया नोटीफाई ,एसएसपी, सीपी/ आईजीपी/ डीआईजी रेंजों और विंग प्रमुखों को 1 लाख से 2 लाख रुपए तक के इनामों के लिए मंज़ूरी के लिए अधिकारित किया गया