जालंधर ब्रीज: वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) का 84वां स्थापना दिवस आज सीएसआईआर–सूक्ष्मजीव प्रौद्योगिकी संस्थान (इमटेक) में मनाया गया। इस अवसर पर भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी द्वारा प्रतिष्ठित स्थापना दिवस व्याख्यान भी दिया गया।
प्रोफेसर त्रिपाठी द्वारा दिया गया इस वर्ष का स्थापना दिवस व्याख्यान “मानव सभ्यता की यात्रा – जिज्ञासा, आविष्कार और नवाचार के माध्यम से” विषय पर केंद्रित था। उन्होंने दैनिक जीवन में आविष्कार और नवाचार के बीच अंतर को रेखांकित करने हेतु कई उदाहरण प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में उन्होंने बताया कि कैसे सीएसआईआर ने पिछले आठ दशकों में भारतीयों के जीवन को प्रभावित किया है और सीएसआईआर–इमटेक जैसे संस्थानों ने विज्ञान को उद्देश्यपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया है।
प्रोफेसर त्रिपाठी ने आविष्कारकों और नवप्रवर्तकों के बीच अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि कैसे दोनों ही व्यवसायिक सफलता का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने अपने भाषण में कीटनाशकों, प्रतिजैविक दवाओं (एण्टीबायोटिक), जीवाश्म ईंधन, और प्लास्टिक जैसी नोबेल पुरस्कार विजेता खोजों के महत्व पर भी प्रकाश डाला — जो मानवता के लिए वरदान थीं, परंतु समय के साथ उनके दुरुपयोग ने मानव जाति के सामने नई चुनौतियाँ प्रस्तुत की हैं।
सीएसआईआर–इमटेक के निदेशक डॉ. संजीव खोसला ने सीएसआईआर के स्थापना दिवस पर उपस्थित अतिथियों और संकाय सदस्यों का स्वागत करते हुए श्रोताओं को वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य हेतु सीएसआईआर के योगदान और प्रतिबद्धताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद देश में ज्ञान की रीढ़ और नवाचार की अग्रदूत रही है।
वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), जो विविध विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अपने अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास ज्ञान के लिए प्रसिद्ध है, एक समकालीन अनुसंधान एवं विकास संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 1942 में हुई थी।
इस अवसर पर प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी और डॉ. संजीव खोसला द्वारा वर्ष 2021 से 2023 के लिए सीएसआईआर–इमटेक की स्थिति रिपोर्ट भी जारी की गई। समारोह के एक भाग के रूप में, सीएसआईआर–इमटेक ने अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा 25 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को सम्मानित किया। संस्थान ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अपने कर्मचारियों के बच्चों को भी स्मृति चिन्ह प्रदान किए।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में, कुछ दिन पूर्व आम जनता और विद्यार्थियों के लिए एक खुला दिवस भी आयोजित किया गया था ताकि वे सीएसआईआर–इमटेक की सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक क्षमताओं का अवलोकन कर सकें।
सीएसआईआर–इमटेक सूक्ष्मजीव विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता का एक राष्ट्रीय केंद्र है। इसकी स्थापना वर्ष 1984 में सीएसआईआर के तत्वावधान में की गई थी। इमटेक का दृष्टिकोण और ध्येय एक ऐसे परिवर्तनशील पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है जो मौलिक खोजों पर आधारित हो और अत्याधुनिक प्रक्रियाओं व तकनीकी मंचों के माध्यम से अपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तथा औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके।

More Stories
ऑपरेशन प्रहार 2.0′; जालंधर देहाती पुलिस ने अवैध हथियारों समेत तीन को गिरफ्तार किया
पंजाब सरकार ने नौजवानों को नशों से दूर रखने के उद्देश्य से खेलों की ओर प्रेरित करने के लिए पंजाब क्रिकेट लीग को दी मंजूरी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
चंदन ग्रेवाल ने नगर निगम जालंधर कम्प्लैक्स में बाबा साहिब डा.भीम राव अंबेडकर जी की प्रतिमा का किया उद्घाटन