जालंधर ब्रीज: कैप्टन अमरिंदर सिंह के गतिशील नेतृत्व में एक और सफलता हासिल करते हुए पंजाब सरकार ने मौजूदा कोविड के चल रहे दौर के दौरान भी पीएसआईईसी द्वारा विकसित औद्योगिक और वाणिज्यिक प्लॉटों की ई-नीलामी के माध्यम से 40 करोड़ रूपए का राजस्व जुटाया है़। यह जानकारी आज यहां उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री सुंदर शाम अरोड़ा ने दी।
औद्योगिक संपदाओं के विकास के लिए राज्य सरकार की नोडल एजेंसी पीएसआईईसी ने पंजाब के अबोहर, अमृतसर, बटाला, बठिंडा, चनालौं (कुराली), गोइंदवाल साहिब, कपूरथला, लुधियाना, मलौट, मंडी गोबिंदगढ़, मोहाली, श्री मुक्तसर साहिब, नया नंगल, नवांशहर, नाभा (न्यू), पठानकोट, टांडा और रायकोट में अपने औद्योगिक फोकल प्वाइटों में स्थित औद्योगिक प्लॉटों और वाणिज्यिक स्थानों की ई-नीलामी की शुरूआत की थी।
मंत्री ने कहा कि इस नीलामी के दौरान लुधियाना, मोहाली, अमृतसर, अबोहर, पठानकोट, बठिंडा, चनालौं और मलौट में स्थित औद्योगिक और वाणिज्यिक संपत्तियों के लिए प्रगतिशील उद्यमियों और निवेशकों की ओर से उत्साहजनक प्रतिक्रिया देखने को मिली।
पंजाब सरकार के उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती विनी महाजन ने बताया कि इस नीलामी में विशेष रूप से मोहाली, लुधियाना और अमृतसर में स्थित पीएसआईईसी की वाणिज्यिक संपत्तियों के प्रति भारी प्रतिक्रिया देखने को मिली। उन्होंने आगे बताया कि पीएसआईईसी जल्द ही पंजाब भर में औद्योगिक फोकल प्वॉइंटों में स्थित प्रमुख औद्योगिक, वाणिज्यिक और आवासीय संपत्तियों की एक और नीलामी की योजना बना रहा है।

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