February 11, 2026

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आईआईएसईआर मोहाली ने अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया

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जालंधर ब्रीज:  भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) मोहाली ने 27 सितंबर, 2025 को अपना 19वां स्थापना दिवस मनाया। आईआईएसईआर मोहाली की आधारशिला इसी दिन 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने रखी थी। अपनी स्थापना के बाद से, आईआईएसईआर मोहाली ने अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देते हुए और वैज्ञानिकों की अगली पीढ़ी को तैयार करते हुए, भारत के प्रमुख विज्ञान संस्थानों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई है।

डॉ. विशाल भारद्वाज द्वारा समन्वित इस वर्ष के स्थापना दिवस के अवसर पर एक खुला कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ट्राइसिटी और आसपास के क्षेत्रों के स्कूलों के छात्र विज्ञान प्रदर्शनी और प्रतियोगिताओं के लिए संस्थान में आए। प्रदर्शनी में विविध विषयों पर प्रकाश डाला गया, जैसे कि सूक्ष्मदर्शी से मॉडल जीवों का अवलोकन, लाल पत्तागोभी के अर्क से तैयार कागज़ की सूचक पट्टियों पर पीएच का पता लगाना, फल मक्खी का जीवन चक्र और जीव विज्ञान से संबंधित आदि विषय शामिल थे । उन्होंने भौतिकी में विद्युत क्षेत्र विक्षेपण और संगीतमय ध्वनि के विज्ञान का अन्वेषण किया, रसायन विज्ञान में दोलनीय अभिक्रियाओं का अध्ययन किया तथा पुरातत्व के क्षेत्र में जीवाश्मों की खोज को जाना। छात्रों ने क्वार्ट्ज-आधारित नए बायोसेंसर का अनुभव किया और रोचक गणितीय अवधारणाओं की भी जानकारी प्राप्त की।

एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें आईआईएसईआर मोहाली के संकाय सदस्यों ने छात्रों के साथ वैज्ञानिक विमर्श किया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने “आस्क ए साइंटिस्ट” सत्र में सक्रिय भागीदारी की, जहाँ उन्होंने वैज्ञानिकों से रोचक प्रश्न पूछे। शीर्ष तीन प्रश्नों का चयन किया गया और संबंधित विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। लगभग 500 विद्यार्थियों एवं उनके अध्यापकों ने इन गतिविधियों में भाग लिया, जिनका मुख्य उद्देश्य जिज्ञासा उत्पन्न करना और विज्ञान की दुनिया की एक झलक प्रदान करना था।

कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि, सीएमसी वेल्लोर के निदेशक, प्रोफेसर विक्रम मैथ्यूज द्वारा दिए गए 19वें स्थापना दिवस व्याख्यान के साथ हुआ। उनके व्याख्यान, जिसका शीर्षक था “एएमएल मेटाबॉलिज्म को लक्षित करना: रणनीतियाँ और चुनौतियाँ”, ने श्रोताओं का मन मोह लिया। उन्होंने एपीएल (एक प्रकार का ल्यूकेमिया) के उपचार में आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड के उपयोग की एक प्रेरणादायी कहानी भी साझा की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पंजाब सरकार की पूर्व मुख्य सचिव सुश्री विनि महाजन थीं। आईआईएसईआर मोहाली के निदेशक प्रोफेसर अनिल कुमार त्रिपाठी ने संस्थान की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम का समापन आईआईएसईआर मोहाली के सहयोग डीन (अनुसंधान एवं विकास) डॉ. सुनील ए. पाटिल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने इस दिवस को सफल बनाने में जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना की।


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