जालंधर ब्रीज: गूँज: अभिव्यक्ति भावों की’ साहित्यिक संस्था की ओर से मासिक ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन करवाया गया । कार्यक्रम का प्रारम्भ अल्का शर्मा जी द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती इरदीप त्रहन जी ने की, जो मुख्य अतिथि भी रहीं । मंच संचालन का सफल आयोजन किया गया शालिनी मित्तल जी द्वारा । गोष्ठी में पंजाब के विभिन्न शहरों से तकरीबन 20 कवयित्रियों ने भाग लिया , जिसमें माँ, बचपन और आँखें विषयों से संबंधित कविताएँ प्रस्तुत की गईं । किसी ने माँ के महत्त्व को शब्दों में बाँधा तो किसी ने उसके कठिन सफ़र की बात की तो किसी ने उसकी सहनशक्ति का बखान किया । किसी ने ‘आँखों और होती हैं’कहा तो किसी ने ‘प्यार को तरसती हैं आँखें’ कहकर उनकी व्यथा बखानी। किसी ने ‘सही और गलत’ के बीच फ़र्क की बात की तो किसी ने पूरा मायका ही अपनी कविता में समेट लिया । संस्थापिका पूर्वा सिंह ने बेहतरीन काव्य प्रस्तुति के लिए सबका धन्यवाद कर कार्यक्रम का समापन किया ।

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