February 25, 2026

Jalandhar Breeze

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फूड सेफ्टी ऑन व्हील्ज़,बलबीर सिंह ने मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन को दिखाई हरी झंडी

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जालंधर ब्रीज: मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान की सोच के अनुसार पंजाब के लोगों को सुरक्षित और मानक भोजन मुहैया करवाने के उद्देश्य से पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज फूड एंड ड्रग्ज़ ऐडमिनिस्ट्रेशन, खरड़ से 8 ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्ज़’ वैनों को हरी झंडी देकर रवाना किया। इन वैनों को हरी झंडी देने के साथ राज्य में ऐसी वैनों की कुल संख्या 15 हो गई है।  

स्वास्थ्य मंत्री ने एफ.डी.ए. के समूह अधिकारियों को हिदायत की कि वह इन फूड सेफ्टी वैनों के सर्वोत्त्म प्रयोग को सुनिश्चित बनाने और लोगों ख़ास कर विद्यार्थियों में जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ विभाग की सभी नीतियों को पारदर्शी ढंग से सही अर्थों में लागू करने के लिए कहा। उन्होंने आगे कहा कि केवल ‘‘शुद्ध अन्न’’ से ही ‘‘शुद्ध मन और स्वस्थ तन’’ हासिल किया जा सकता है।  

उन्होंने दोहराया कि भोजन में मिलावटखोरी को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और ऐसी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जायेगी।  
 स्वास्थ्य मंत्री ने फूड सेफ्टी अफसरों को हिदायत की कि वह राज्य के स्कूलों में मिड-डे-मील की जांच के लिए इन वैनों का प्रयोग करें। मंत्री ने उनको अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा से निभाने की सलाह दी, क्योंकि ड्यूटी में किसी भी तरह की कोताही से बड़ी आबादी प्रभावित हो सकती है।  

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि कोई भी व्यक्ति 50 रुपए की मामूली कीमत पर इन वैनों के द्वारा अपने खाद्य पदार्थों की जांच करवा सकता है और मौजूदा समय में 70 तरह के टैस्ट उपलब्ध हैं। उन्होंने भोजन में जीवाणु सक्रमण का पता लगाने के लिए भोजन की माईक्रोबियल टेस्टिंग को शामिल करने के लिए टेस्टिंग सुविधा को अपग्रेड करने के निर्देश दिए हैं।  

डॉ. बलबीर सिंह ने नयी स्थापित की गई फूड माईक्रोबायोलॉजी लैबोरेट्री का भी दौरा किया और अधिकारियों को फूड और ड्रग्ज़ की टेस्टिंग और ख़ास तौर पर पैथोजन टेस्टिंग, ऐंटीबायोटिक रेसिस्टैंस, कीटनाशकों के अवशेष की जांच और जिम में इस्तेमाल किए जाने वाले सप्लीमैंट्स में स्टीरॉयड्ज़ का पता लगाने वाले टैस्टों के सम्बन्ध में लैब को अपग्रेड करने की हिदायत की। इस मौके पर कमिश्नर फूड एंड ड्रग्ज़ एडमिनिस्ट्रेशन पंजाब डॉ. अभिनव त्रिखा और एफएसएसएआई के डायरैक्टर डॉ. अजय प्रकाश गुप्ता भी मौजूद थे।


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