जालंधर ब्रीज: राज्य के बुज़ुर्गों को उनके अधिकारों से अवगत करवाने के मकसद से सीनियर सिटिजऩ एक्ट-2007 सम्बन्धी बनाई गई लघु फि़ल्म और पोस्टर को आज यहाँ सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जारी किया।
इस अवसर पर बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने बताया कि बुज़ुर्गों को सम्मान देने और उनके जीवन निर्वाह को सुरक्षित करने के मकसद से सरकार द्वारा माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 लागू किया गया है। इस एक्ट के अधीन जो बच्चे, रिश्तेदार (ख़ून का रिश्ता) अपने माँ-बाप की देख-रेख नहीं करते, उन बुज़ुर्गों को जीवन निर्वाह के लिए गुज़ारा भत्ता देने का उपबंध है।
उन्होंने बताया कि इस एक्ट के अधीन मेनटेनैंस ट्रिब्यूनल और ऐपीलेट ट्रिब्यूनल स्थापित किया गया है। जहाँ कोई भी सीनियर सिटिजऩ अपनी मुश्किल बाबत सम्बन्धित सब-डिविजऩ के उप मंडल अधिकारी को शिकायत दे सकता है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इस एक्ट के अधीन जि़ला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी को भरण-पोषण अधिकारी नियुक्त किया गया है और बुज़ुर्ग नागरिकों की मूलभूत ज़रूरतों के रूप में भोजन, कपड़े, आवास एवं स्वास्थ्य देखभाल के लिए आवश्यक राशि मुहैया करवाना भी शामिल है।
इस अवसर पर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग कीं निदेशक श्रीमति माधवी कटारिया, ए.आई.जी (पर्सोनल-2) गौरव तूरा और सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के एडीशनल डायरैक्टर चरनजीत सिंह विशेष रूप से उपस्थित थे।

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