February 25, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

डिप्टी कमिश्नर द्वारा सतलुज दरिया के किनारे बाढ़ संभावित गांवों का निरीक्षण, बांध को और मजबूत करने के लिए सेना को बुलाया

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जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आज सतलुज दरिया में बढ़ते जल स्तर के कारण उत्पन्न स्थिति का जायजा लेने के लिए दरिया किनारे कई गांवों का दौरा किया।

डा. अग्रवाल ने एस.एस.पी. (जालंधर ग्रामीण) हरविंदर सिंह विर्क, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) जसबीर सिंह, डीएसपी ओंकार सिंह बराड़ के साथ सबसे पहले गिद्दड़पिंडी का दौरा किया, जहां दरिया में पानी का तेज बहाव देखा गया। इसके बाद उन्होंने गट्टा मुंडी कासू में बांध का निरीक्षण किया, जो एक बाढ़ संभावित गांव है, जहां पिछले वर्षों में बांध में दरार पड़ चुकी है।

जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बांध को और मजबूत करने के लिए सेना की सेवाएं लीं। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक रेत की बोरियों का प्रबंध करने के निर्देश दिए और गांव वालों से बांध को मजबूत करने में प्रशासन का साथ देने की अपील की।

स्थानीय निवासियों से बातचीत के दौरान डा. अग्रवाल ने लोगों से अपील की कि केवल पानी के बढ़ते स्तर को देखने के लिए नदी के किनारों के पास न जाएं, क्योंकि यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने लोगों को विश्वास दिलाया कि पंजाब सरकार इस मुश्किल समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेगी। उन्होंने अधिकारियों को जिले में बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए युद्ध स्तर पर काम करने के निर्देश भी दिए।

जालंधर जिला प्रशासन ने एक और त्वरित व सक्रिय कदम उठाते हुए मंगलवार रात सतलुज दरिया पर बांध को और मजबूत करने के लिए सेना की सेवाएं लीं।

जिला प्रशासन के बुलाने पर तुरंत सेना की पूरी टुकड़ी मौके पर पहुंच गई और बिना किसी देरी के बांध को मजबूत करने का काम शुरू कर दिया गया।

डिप्टी कमिश्नर, नकोदर से विधायक इंदरजीत कौर मान और प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ, तब तक मौके पर मौजूद रहे, जब तक बांध को बाढ़ जैसी किसी भी स्थिति को रोकने के लिए मजबूत नहीं कर दिया गया।

डा. अग्रवाल ने इस मुश्किल समय में लोगों के जान-माल की रक्षा के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन पूरी तरह तैयार है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे निरंतर काम कर रहा है।


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