जालंधर ब्रीज: भ्रष्टाचार के विरुद्ध राज्य सरकार की ज़ीरो टॉलरैंस नीति को दोहराते हुए पंजाब के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजूआ ने मंगलवार को सभी विभागों को भ्रष्टाचार की बीमारी को और सुचारू ढंग के साथ ख़त्म करने के लिए सम्बन्धित विभागों में लम्बित पड़े विजीलैंस मामलों को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए हैं।
यहाँ अपने दफ़्तर में मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये मुख्य सचिव ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की वचनबद्धता के अंतर्गत भ्रष्ट और दाग़ी कर्मचारियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही की जाये। भ्रष्टाचार रोकथाम कानून 1988 की धारा ए और 19 के अधीन सभी मामलों का निपटारा समयबद्ध ढंग से किया जाये। उन्होंने अलग-अलग विभागों में लम्बित पड़े कई मामलों का भी नोटिस लिया।
जंजूआ ने कहा कि इस मामले की पूरी गंभीरता के साथ जांच किये जाने की ज़रूरत है जिससे भ्रष्टाचार के विरुद्ध शुरु की इस मुहिम को नतीजे तक पहुँचाया जा सके।
मुख्य सचिव ने बड़े लोक हित के मद्देनज़र ऐसे मामलों को जल्द से जल्द निपटाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सम्बन्धित प्रशासनिक सचिवों के पास लम्बित पड़े हरेक केस की समीक्षा की और उनको इन मामलों को फास्ट ट्रैक और नतीजा प्रमुख ढंग के साथ निपटाने को यकीनी बनाने के लिए कहा। जंजूआ ने आगे कहा कि वह ख़ुद इन मामलों की प्रगति सम्बन्धी नियमित तौर पर समीक्षा करते रहेंगे जिससे इसको फास्ट ट्रैक मोड पर लाया जा सके।
मीटिंग के दौरान अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि लम्बित पड़े मामलों में से 14 मामलों को मंज़ूरी दे दी गई है और बाकियों की भी जांच जारी है।


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