जालंधर ब्रीज: कोविड-19 के पुनः उभार, जिसने देश भर में बड़ी तबाही मचा दी है, से निपटने संबंधी तैयारी करने में बुरी तरह असफल रहने के लिए केंद्र को आड़े हाथों लेते हुए पंजाब के खेल, युवक सेवाएं और प्रवासी भारतीय मामलों बारे मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि यह भारत सरकार की ज़िम्मेदारी है कि कोरोना के कारण पैदा हुई इस संकटकालीन स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सभी राज्यों के साथ तालमेल बनाकर काम करे, फिर चाहे राज्यों में किसी भी पार्टी की सरकार हो।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर दोष लगाते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण हालात अब पूरी तरह बेकाबू हो चुके हैं और केंद्र सरकार ने ऐसी मुश्किल घड़ी में राज्यों और लोगों को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने निराश होकर पूछा ”क्या यह राज्यों और लोगों को ‘आत्मनिर्भर’ बनाने का तरीका है?”आज यहाँ से जारी प्रैस बयान में राणा सोढी ने दोष लगाया कि केंद्र सरकार माहिरों और अन्य देशों के बार-बार सुझाव देने के बावजूद महामारी की गंभीरता को समझने और इससे निपटने में पूरी तरह असफल रही है।
प्रवासी भारतीय मामले मंत्री ने प्रवासी समुदाय को संकट की इस घड़ी में सहायता के लिए आगे आने के लिए अपील करते हुए कहा कि हमारे प्रधानमंत्री ने कोरोना पर शीघ्र जीत प्राप्त कर लेने की शेखी बघारते हुए ख़ुद ही अपनी पीठ थपथपाई थी। उन्होंने कहा कि प्रचार के लिए अपनाई गईं ऐसीं भद्दी चालों ने केंद्र सरकार की मंशा का पर्दाफाश किया है। लोग ऑक्सीजन की कमी, अस्पतालों में बेडों की कमी और टीके की कमी के कारण साँस लेने को भी तरस रहे हैं।राणा सोढी ने कहा कि किसी समय में दुनिया की फार्मेसी कहलाने वाले भारत की आज यह हालत हो गई है कि मैडीकल सप्लाई के लिए हम पूरी तरह विदेशों की सहायता पर निर्भर हैं।
उन्होंने तंज़ कसते हुए पूछा ” क्या भारत विश्व गुरू बन गया है?”कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस खतरनाक दौर में ऐसीं शेखियां पूरी तरह से बेहुदा लगतीं हैं क्योंकि भारत में कोरोना के मामलों और मौतों में तेज़ी से वृद्धि हो रही है। उन्होंने चिंता जताई कि अस्पतालों में बिस्तरे और दवा की कमी है और सरकार सिर्फ़ प्रचार भरोसे है।

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