जालंधर ब्रीज: सीबीआई ने एक मामले की जारी जाँच में ऑपरेशन कनक-।। के तहत मनसा, होशियारपुर, मुकेरियां, रूपनगर, पटियाला, सरहिंद, फतेहगढ़ साहिब, मोहाली, मोगा, फिरोजपुर, लुधियाना, संगरूर आदि (सभी पंजाब में) एवं केंद्र शासित क्षेत्र चंडीगढ़ सहित लगभग 50 स्थानों पर स्थित एफसीआई के कर्मियों, निजी चावल मिलर्स और अनाज व्यापारियों के परिसरों में आज तलाशी ले रही है। अब तक तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। एफसीआई में चैनलाइज्ड भ्रष्टाचार के सांठगांठ को तोड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया गया था, जिसमें एफसीआई के कर्मियों, निजी राइस मिलर्स एवं अनाज व्यापारी संलिप्त है।
दस्तावेजों की जांच, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ, गवाहों के बयान, मामले के तथ्यों से परिचित व्यक्तियों की जांच एवं तकनीकी आंकड़ों के विश्लेषण सहित आगे की जांच से ज्ञात हुआ कि एफसीआई के कर्मियों, निजी चावल मिलर्स एवं अनाज व्यापारी अच्छी तरह से संगठित गिरोह का हिस्सा थे और एफ सी आई में खरीद(procurement) की प्रक्रिया के दौरान भारी मात्रा में रिश्वत प्राप्त करते थे।
आज का ऑपरेशन कनक-II भी एफसीआई में जारी बड़े भ्रष्टाचार एवं उसके पैमाने का पता लगाने और आपस में जुड़े भागीदारों के मध्य बड़ी साजिश के क्रम का पता लगाने के प्रयास का एक हिस्सा है।
एफसीआई के सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मियों, निजी व्यक्तियों और अन्य संस्थाओं आदि सहित 74 आरोपियों के विरुद्ध पूर्व में दिनाँक 10.01.2023 को मामला दर्ज किया गया था। यह आरोप है कि निजी ऑपरेटरों को लाभ पहुंचाने के लिए एफसीआई कर्मियों को भारी मात्रा में रिश्वत दी गई थी। आगे ऐसा आरोप है कि निजी राइस मिलर्स एवं अनाज व्यापारी कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्नों की खरीद को समायोजित करने, खाद्यान्नों को उतारने में दिन-प्रतिदिन के कार्यों में कदाचार, विभिन्न कदाचारों के विरुद्ध पूछताछ का प्रबंधन करने आदि के लिए एफसीआई कर्मियों को रिश्वत दे रहे थे।
यह भी आरोप है कि कार्मिक, राइस मिल मालिकों के साथ षड्यंत्र में स्टॉक में कमी को छिपाते हैं एवं कम गुणवत्ता वाले खाद्यान्न को स्वीकार करते हैं जिसे देश के अन्य हिस्सों में ले जाया जाता है। बदले में राइस मिलर्स, तकनीकी सहायकों, डीजीएम, एजीएम, और यहां तक कि कार्यकारी निदेशक सहित एफसीआई के कथित चैनलाइज्ड भ्रष्टाचार के हिस्से के रूप में भारी मात्रा में रिश्वत देते हैं।
इससे पूर्व भी, एफसीआई के कर्मियों, निजी राइस मिलर्स एवं अनाज व्यापारियों द्वारा अपनाए गए चैनलाइज्ड भ्रष्टाचार के नापाक गठजोड़ के विरुद्ध जनवरी, 2023 में ‘ऑपरेशन कनक’ के नाम से एक बड़ा ऑपरेशन चलाया गया था, जिसमें अनुचित पक्षपात प्राप्त करने हेतु एफसीआई के कुछ कर्मियों को अनुचित रिश्वत दी गई थी। सीबीआई ने उस अभियान के दौरान, डीजीएम (गुणवत्ता नियंत्रण/कार्मिक) आरओ, चंडीगढ़; खरार (पंजाब) स्थित फर्म के एक मालिक एवं एक प्रबंधक (प्रयोगशाला), एफसीआई, डीओ, चंडीगढ़ को गिरफ्तार किया था। उक्त समय, लगभग 99 स्थानों पर तलाशी के दौरान 1.03 करोड़ रु.(लगभग), 3 करोड़ रु.(लगभग) से अधिक की एफडीआर , विभिन्न संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज, आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण आदि बरामद किए गए।
इस मामलें में जाँच जारी है।

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