जालंधर ब्रीज: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने शनिवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव स्थानीय निकाय को शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम (यू.ई.आई.पी.) के पहले पड़ाव के अंतर्गत चल रहे प्रोजेक्टों में तेज़ी लाने और इनको मुकम्मल करने की समय सीमा 30 जून, 2020 निर्धारित करने की हिदायत की है।
शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा करते हुये कैप्टन अमरिन्दर ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को प्रोग्राम के पहले फेज-1 के अधीन रहते प्रस्तावों को 15 जून तक पंजाब बुनियादी ढांचा विकास प्रोग्राम (पी.आई.डी.बी.) के पास जमा करवाने और साथ ही 15 जून तक शहरी स्थानीय इकाईयों से प्राप्ति के बाद दूसरे पड़ाव के अधीन फंडिंग के लिए प्रस्ताव भी जमा करवाने के लिए कहा। जि़क्रयोग्य है कि शहरी स्थानीय इकाईयों के द्वारा पी.आई.डी.बी. से वित्तीय मदद के साथ -साथ शहरी वातावरण सुधार प्रोग्राम को लागू किया जा रहा है।
चल रहे प्रोजेक्टों की समयबद्ध प्रगति को यकीनी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को हिदायत की है कि वह हर शुक्रवार को साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट पेश करें।
इससे पहले डायरैक्टर स्थानीय निकाय ने मुख्यमंत्री को बताया कि यू.ई.आई.पी. के पहले पड़ाव के अंतर्गत विभिन्न शहरी स्थानीय इकाईयों को 298.75 करोड़ रुपए का वितरण किया गया था परन्तु अभी तक सिफऱ् 108.44 करोड़ रुपए के प्रोजैक्ट /योजनाएँ चलाईं गई हैं। इसमें से अब तक सिफऱ् 40.89 करोड़ रुपए ख़र्च किये गए हैं। नतीजे के तौर पर विभाग ने अब तक 1990.31 करोड़ रुपए से अधिक के प्रोजैक्ट प्रस्तावों को फंडिंग के लिए पी.आई.डी.बी. के पास जमा करवाना है और शहरी स्थानीय इकाईयों ने अभी और 67.55 करोड़ रुपए का प्रयोग करना है।
मुख्यमंत्री ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्थानीय निकाय) को निर्देश दिए कि चल रहे प्रोजेक्टों के मुकम्मल होने के लिए समयबद्धता की सख्ती से पालना को यकीनी बनाया जाये। उन्होंने आगे कहा कि दूसरे दौर के प्रोजेक्टों को फंडिंग के लिए पी.आई.डी.बी. के पास जमा करवाने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए क्योंकि उसके लिए ज़रुरी फंड पहले ही उनकी तरफ से फरवरी में मंज़ूर कर लिए गए हैं।

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