जालंधर ब्रीज: भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश महामंत्री डॉ. सुभाष शर्मा ने नवरात्रों के पावन दिनों में किसान मोर्चा द्वारा विरोध-प्रदर्शन करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि पिछले एक साल से जान-बूझ कर हिन्दू त्यौहारों में ही खलल डालने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने संयुक्त मोर्चे द्वारा दशहरे पर प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी के पुतले जलाये जाने के आह्वान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दशहरा हिन्दू-धर्म का पवित्र त्यौहार है, जिस पर किसी किस्म की राजनीती बर्दाश्त नहीं की जा सकती। पिछले साल भी इसी मौके पर किसान संगठनों ने ऐसी ही तुच्छ राजनीति की थी, जिससे हिन्दू समाज में भारी रोष था। किसान संगठनों द्वारा काली दिवाली मनाने की घोषणा तथा धनतेरस जैसे त्यौहारों के समय भी विरोध-प्रदर्शन किया गया था। यहाँ तक कि राखी जैसे त्यौहार पर भी जानबूझ कर धरना देने का कार्यक्रम बनाया गया जिस कारण लाखों बहनों को परशानी हुई। पिछले एक साल में आंदोलन के चलते अन्य धर्मों के बहुत से त्यौहार आये, जिन्हे खुद किसान मोर्चा मंच पर मनाता रहा तो फिर हिन्दू त्यौहारों पर ही एक्शन प्रोग्राम देना क्या उचित है?
डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि त्यौहारों के अवसर पर इस प्रकार के धरने, बंद और प्रदर्शन जैसे कार्यक्रमों से न सिर्फ हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुँच रही है, बल्कि व्यापार को भारी नुक्सान हो रहा है। जिस लखीमपुरी खीरी की घटना को मुद्दा बना कर अब धरने और प्रदर्शन का ऐलान किया गया है, उस केस में एफ. आई.आर. दर्ज हो चुकी है तथा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी भी हो चुकी है तथा यु.पी. सरकार द्वारा उचित मुआवजा भी देने की घोषणा की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री योगी ने आश्वस्त किया है कि हर हाल में इन्साफ मिलेगा। ऐसे में सिर्फ अपने राजनैतिक स्वार्थों को आगे रख के हिन्दू त्यौहारों में खलल डालने से संयुक्त किसान मोर्चा को गुरेज करना चाहिए। डॉ. सुभाष शर्मा ने कहा कि पंजाब के सामाजिक सद्भाव को कायम रखते हुए किसान मोर्चा को अपने कार्यक्रम पर पुनर-विचार करना चाहिए।

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