August 18, 2026

Jalandhar Breeze

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पंजाब को कंगाल बनाकर छोड़ेगी भगवंत मान सरकार: बलबीर सिद्धू

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जालंधर ब्रीज: पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार द्वारा गमाडा को 15,000 करोड़ रुपये का भारी कर्ज लेने और यह कर्ज हासिल करने के लिए गुजरात की एक निजी फर्म को 191.16 करोड़ रुपये की मोटी ‘दलाली’ देने की राह पर चलने के तुगलकी फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘दिल्ली वालों’ द्वारा पंजाब के संसाधनों की की जा रही लूट में भगवंत मान सरकार मोहरा बनी हुई है।

आम आदमी पार्टी की सरकार पर तीखा हमला करते हुए श्री सिद्धू ने कहा, “कभी पंजाब की सबसे अमीर और मुनाफा कमाने वाली संस्थाओं में से एक रही गमाडा आज ‘आप’ सरकार की अंधी लूट और नाकामियों के कारण वेंटिलेटर पर पहुंच गई है। पहले ही लगभग 8,000 करोड़ रुपये के कर्ज के नीचे दबी इस संस्था पर 15,000 करोड़ रुपये का और पहाड़ जैसा कर्ज लादना गमाडा के अस्तित्व को मिटाने की साजिश है।” उन्होंने सवाल किया कि जो सरकार कर्ज के बॉन्डों के लिए गारंटी देने से भी पीछे हट रही है, क्या वह गमाडा की अरबों-खरबों रुपये की बेशकीमती जमीनों को निजी हाथों में गिरवी रखने की नींव नहीं रख रही?

उन्होंने ‘आप’ सरकार पर भूमि अधिग्रहण कानून की धाराओं का खुलेआम दुरुपयोग करने का सीधा आरोप लगाते हुए कहा, “इस कानून की एक धारा का सहारा लेकर सरकार ने कृषि योग्य भूमि के विकास और वैकल्पिक प्रबंधों के नाम पर गमाडा और अन्य विकास प्राधिकरणों की जेब पर डाका डाला है। कानून की आड़ में प्राधिकरणों से जबरन 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हड़पकर वित्त विभाग के खाते में डलवाई गई है।”

पूर्व मंत्री ने कहा कि यह सारा पैसा राज्य के विकास पर खर्च करने के बजाय भगवंत मान सरकार अपनी राजनीतिक योजनाओं, विज्ञापनबाजी और दिल्ली के राजनीतिक आकाओं के दौरों पर उड़ा रही है। उन्होंने कहा कि दिवालिया हो चुकी सरकार के पास अपनी वोट-बैंक योजनाएं चलाने के लिए पैसा नहीं है, जिसके कारण अब गमाडा को 15,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज उठाने के लिए मजबूर किया गया है, ताकि वित्त विभाग का खाली खजाना भरा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 20 वर्षों तक पंजाब के लोगों पर 1,200 करोड़ रुपये का सालाना ब्याज लादकर आने वाली पीढ़ियों को कर्ज के दलदल में धकेला जा रहा है।

श्री सिद्धू ने गुजरात की फर्म ‘टिप्सन कंसल्टेंसी’ को दी जा रही 191 करोड़ रुपये की भारी राशि पर सवाल उठाते हुए कहा, “जब सरकारी बैंक और अधिकारी यह फंड आसानी से जुटा सकते हैं, तो गुजरात की फर्म को करोड़ों रुपये लुटाने के पीछे किसका ‘कमीशन’ तय हुआ है? भगवंत मान जवाब दें कि पंजाब के खून-पसीने की कमाई गुजरात के व्यापारियों की जेबों में क्यों डाली जा रही है?”

कांग्रेसी नेता ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पार्टी पंजाब की संपत्तियों को कंगाल करने और कानून की आड़ में हो रही इस लूट को चुपचाप नहीं देखेगी। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार इस पंजाब-विरोधी फैसले को तुरंत रद्द करे, अन्यथा कांग्रेस पार्टी लोगों को इस महाघोटाले के खिलाफ हर संभव तरीके से जागरूक करेगी।


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