जालंधर ब्रीज: रोजगार के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी(आप) ने कांग्रेस को घेरा और कहा कि कांग्रेस सरकार ने अपने पहले साल 2017-18 में मात्र 8000 सरकारी नौकरियां निकाली थी। वहीं मान सरकार ने अपने वादे के मुताबिक पहले साल में ही 28000 से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी है।
सोमवार को पार्टी मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने पंजाब के बेरोजगार नौजवानों के बजाय अपने नेताओं-मंत्रियों के परिवारों और रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दी, जबकि मान सरकार ने पंजाब के आम घरों के नौजवानों को नौकरी दी।
कंग ने कहा कि मान सरकार में पंजाब में पहली बार बिना किसी सिफारिश, पैसे या भ्रष्टाचार के युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। कांग्रेस और अकाली – भाजपा सरकार के समय लोगों के बीच आम धारणा थी कि अगर सरकारी नौकरी लेनी है तो या तो पैसा दो या नेताओं से सिफारिश करवाओ।
इस बार कोई सिफारिश या पैसा नहीं चला। सभी नौजवानों को मेरिट के आधार पर नौकरी मिली है। ऐसा इसलिए संभव हो सका क्योंकि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब में एक पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त सिस्टम तैयार किया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि सरकारी नौकरियों और भ्रष्टाचार के मामले में किसी की भी कोई सिफारिश नहीं करनी है।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार का उद्देश्य पंजाब के नौजवानों को अच्छी शिक्षा और रोजगार देकर उनका भविष्य सुरक्षित करना है। पंजाब की जवानी और किसानी को बचाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध है।
कंग ने विभाग स्तर पर नौकरियों की संख्या बताई और कहा कि स्कूल एजुकेशन में करीब 9151, गृह मंत्रालय में 4750, बिजली विभाग में 3543 और लोकल बॉडी(स्थानीय सरकार) विभाग में 3228 रिक्तियां निकाली गई। इसी तरह सभी विभागों में हजारों की संख्या में नौकरियों की वैकेंसी निकाली गई। आने वाले दिनों में मान सरकार और बड़े पैमाने पर नौजवानों को रोजगार मुहैया कराएगी।

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