जालंधर ब्रीज: पंजाब में आम आदमी पार्टी ने भले ही सांसद भगवंत मान को पार्टी का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है मगर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की नजर पंजाब के मुख्यमंत्री पद पर ही है वह या तो स्वयं या अपनी धर्म पत्नी सुनीता केजरीवाल को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने की मंशा रखते हैं।
अरविंद केजरीवाल ने राजनीतिक धोखे की नई परंपरा शुरू की है। उन पर किसी भी सूरत में विश्वास नहीं किया जा सकता। यह बात भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कही । वह आज यहां भाजपा के प्रदेश चुनाव कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में अपने बच्चों की सौगंध खाकर कहा था कि वह चुनाव के बाद किसी से भी गठबंधन नहीं करेंगे मगर बच्चों की सौगंध खाने के बावजूद कांग्रेस से समझौता कर लिया था। आरपी सिंह ने कहा कि कांग्रेस,अकाली दल, समाजवादी पार्टी जैसी परिवारवाद वाले पार्टियों के बाद अब आम आदमी पार्टी भी परिवारवाद की ओर जा रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने आज तक कभी भी किसी चुनाव में प्रचार नहीं किया है मगर पंजाब में उन्होंने भगवंत मान के लिए चुनाव प्रचार किया। इतना ही नहीं उन्होंने जिस तरह से उन्हें अपना देवर मानकर देवर भाभी का रिश्ता प्रस्तुत किया है वह भी पहले ऐसा कभी भी नहीं किया और ना ही किसी चुनाव में उन्होंने इस तरह से रिश्तेदारी की नींव रख कर किसी प्रदेश में चुनाव प्रचार किया है।
दिल्ली में शराब के ठेके जगह-जगह खुलवाने पर तंज कसते हुए आरपी सिंह ने कहा कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा शराब के ठेकों की संख्या बढ़ाना भी भगवंत मान में के प्रभाव में लिया गया फैसला लगता है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल विश्वास के काबिल नहीं है और यह विश्वास भी नहीं किया जा सकता कि अगर उनकी सरकार सत्ता में आई तो वह भगवंत मान को मुख्यमंत्री बना ही देंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब में विकास, उन्नति और खुशहाली केवल भाजपा की डबल इंजन की सरकार ही ला सकती है।

More Stories
विदेश स्थित गैंगस्टर का गुर्गा पिस्तौल सहित बठिंडा से गिरफ्तार
विजिलेंस ब्यूरो ने पटवारी को 15,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों किया गिरफ्तार
आप ने पंजाब यूनिवर्सिटी चुनाव के लिए सांसद मीत हेयर और विधायक अमृतपाल सिंह सुखानंद को बनाया चुनाव इंचार्ज