February 10, 2026

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वार्डबंदी में गंभीर अनियमितताओं का आरोप, भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से की मुलाकात

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जालंधर ब्रीज: पंजाब में नगर निकायों की वार्डबंदी को लेकर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी, पंजाब का एक वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल आज पंजाब के महामहिम राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार पर वार्डबंदी की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ करने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा और मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष श्री अश्वनी शर्मा ने किया।

प्रतिनिधिमंडल में पूर्व केंद्रीय मंत्री सोम प्रकाश, भाजपा लीगल सेल के प्रभारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता एन.के. वर्मा, पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। इनके अलावा श्वेत मलिक, केवल सिंह ढिल्लो, भाजपा महासचिव परमिंदर सिंह बराड़, उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा, फतेहजीत सिंह बाजवा, रणजीत सिंह गिल और विनीत जोशी भी प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा थे।

भाजपा नेताओं ने राज्यपाल को बताया कि नगर निगमों और नगर परिषदों में वार्डों का गठन बिना आवश्यक घर-घर सर्वे कराए और अप्रमाणिक जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर किया जा रहा है। कई स्थानों पर जनसंख्या को जानबूझकर कम दिखाया गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता संदिग्ध हो गई है।

उन्होंने कहा कि वार्डबंदी करते समय भौगोलिक संतुलन और प्रशासनिक व्यवहारिकता को नजरअंदाज किया गया है। अलग-अलग और दूरस्थ क्षेत्रों को एक ही वार्ड में जोड़ दिया गया है, जिससे जनता को गंभीर असुविधा होगी। साथ ही अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण में भी नियमों की अनदेखी किए जाने के आरोप लगाए गए। भाजपा नेताओं के अनुसार, जिन वार्डों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या अधिक है, उन्हें सामान्य श्रेणी में रखा गया है, जबकि कम संख्या वाले वार्डों को आरक्षित घोषित किया गया है।

प्रतिनिधिमंडल ने यह भी ध्यान दिलाया कि केंद्र सरकार द्वारा 16वीं जनगणना के संबंध में जारी अधिसूचनाओं में नगरपालिका और वार्ड सीमाओं को स्थिर (फ्रीज़) रखने के निर्देश स्पष्ट रूप से दिए गए हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार द्वारा वार्डबंदी की प्रक्रिया जारी रखना कानून एवं संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है।

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने के बजाय सत्ता के दुरुपयोग के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए मामले में शीघ्र हस्तक्षेप करें।

भाजपा लीगल सेल के प्रभारी वरिष्ठ अधिवक्ता एन.के. वर्मा ने बताया कि राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने दोहराया कि भाजपा इस मुद्दे पर संवैधानिक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी और नियमों के विरुद्ध की गई किसी भी वार्डबंदी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।


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