मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के आदेशों के अनुसार गणतंत्र दिवस के शांतिपूर्ण समारोहों को सुनिश्चित करने के लिए राज्य में कड़े सुरक्षा प्रबंधों के तहत स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एस.एस.ओ.सी.), अमृतसर ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक कार्यकर्ता को गिरफ्तार कर इसी संगठन से जुड़े आतंकवादी गिरोह द्वारा सुरक्षा संस्थान पर किए जाने वाले आतंकवादी हमले को टाल दिया। यह जानकारी आज यहां पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान तरनतारन के गांव दीनेवाल निवासी शरनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। पुलिस टीमों ने उसके कब्जे से एक पी-86 हैंड ग्रेनेड, एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल, पांच जिंदा कारतूस और 65 ग्राम आई.सी.ई. ड्रग बरामद की है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी विदेश स्थित बी.के.आई. संचालकों निशान सिंह उर्फ निशान जौड़ियां, आदेशबीर सिंह उर्फ आदेश जमाराए और सिमरनजीत सिंह उर्फ सिम्मा दियोल के इशारों पर काम कर रहा था, जो पंजाब में दहशत और भय का माहौल पैदा करने के लिए विघटनकारी गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में आगे-पीछे के संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
ए.आई.जी. एस.एस.ओ.सी., अमृतसर सुखमिंदर सिंह मान ने कहा कि खुफिया ऑपरेशन के तहत एस.एस.ओ.सी. अमृतसर की टीमों ने संदिग्ध शरणप्रीत सिंह को अमृतसर–तरनतारन हाईवे पर बंडाला मोड़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर उसके कब्जे से एक ग्लॉक पिस्तौल, गोला-बारूद और 65 ग्राम आईसीई ड्रग बरामद की।
निरंतर पूछताछ के दौरान शरणप्रीत सिंह ने खुलासा किया कि हाल ही में उसके हैंडलरों ने एक हैंड ग्रेनेड की डिलीवरी का प्रबंध किया था, जिसे उसने अमृतसर–तरनतारन हाईवे पर चर्च के पास एक स्थान पर छिपाया था। उन्होंने कहा कि आरोपी द्वारा किए गए खुलासे पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एस.एस.ओ.सी. अमृतसर की टीम आरोपी को उक्त स्थान पर ले गई, जहां से एक पी-86 हैंड ग्रेनेड बरामद किया गया।
एआईजी ने कहा कि जांच से पता चला है कि आरोपी शरनप्रीत सिंह अपने चचेरे भाई सिम्मा दियोल के माध्यम से इस नेटवर्क में शामिल हुआ था। अपने हैंडलरों के निर्देशों पर आरोपी विस्फोटकों, हथियारों आदि की खेपों की आपूर्ति कर रहा था और अवैध धन का प्रबंधन कर रहा था।
इस संबंध में पुलिस थाना एस.एस.ओ.सी. अमृतसर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 22, आर्म्स एक्ट की धारा 25 तथा बीएनएस की धारा 61(2) के तहत एफआईआर नंबर 02 दिनांक 21.01.2026 दर्ज की गई थी और बाद में ग्रेनेड की बरामदगी के उपरांत इसमें विस्फोटक अधिनियम की संबंधित धाराएं जोड़ी गईं।

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