जालंधर ब्रीज: डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी ने मुख्य सचिव श्रीमती विन्नी महाजन की तरफ से कोविड की स्थिति का जायज़ा लेने के लिए की जा रही वर्चुअल बैठक में पहुँच करते हुए कहा कि कोरोना महामारी के बढ रहे मामलों दौरान जालंधर जिले में भी कोविड के मामलों में कमी देखी जा रही है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि देश भर में ब्लैक फंगस के बढ रहे मामलों के चलते ज़िला प्रशासन की तरफ से इस बीमारी का असरदार ढंग से मुकाबला करने के लिए 100 एमफोटैरीसिन टीकों की माँग की गई है। उन्होनें कहा कि ज़िला प्रशासन की तरफ से ज़िले में सारी स्थिति पर बारीकी के साथ निगरानी की जा रही है और रोज़ाना की सबंधित विभागों से रिपोर्ट ली जा रही हैं।
डिप्टी कमिश्नर ने बताया कि ज़िले भर में लैवल -2 और लैवल -3 के 2010 बैंडो के इलावा सात दिनों तक अपेक्षित मात्रा में आक्सीजन का स्टाक उपलब्ध है। उन्होनें कहा कि बैंडो और आक्सीजन की रोज़ाना की माँग कम हो रही है, जो कि एक अच्छा संकेत है। उन्होनें बताया कि ज़िला निवासियों को कोविड वायरस को फैलने से रोकने के लिए कोविड प्रोटोकाल की पालना करने के लिए अवगत करवाने के इलावा अब ब्लैक फंगस बीमारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
डिप्टी कमिश्नर ने ज़िला निवासियों को कोविड की दूसरी लहर का उचित ढंग से मुकाबला करने के लिए ज़िला प्रशासन के साथ सहयोग के लिए विशेष धन्यवाद किया। उन्होनें लोगों को यह भी अपील की कि वायरस प्रति लापरवाह न की जाए, क्योंकि हमारी किसी भी प्रकार की लापरवाही की भारी कीमत अदा करनी पड़ सकती है।

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