June 20, 2026

Jalandhar Breeze

Hindi Newspaper

सिविल सर्जन जिला स्तर पर साप्ताहिक लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण और सैंपलिंग यकीनी बनाऐंगे- बलबीर सिद्धू

Share news

जालंधर ब्रीज: पंजाब के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री स. बलबीर सिंह सिद्धू ने आज समूह सिविल सर्जनों को जिला स्तर पर साप्ताहिक लक्ष्य के अनुसार टीकाकरण और सैंपलिंग/टेस्टिंग को यकीनी बनाने की हिदायत की।


स. सिद्धू ने बताया कि अस्पतालों में टीकाकरण केन्द्रों के अलावा पहले से निर्धारित स्थानों पर मोबाइल टीकाकरण कैंप भी लगाए जा रहे हैं जिनके लिए योग्य लाभपात्रियों के आंकड़े उद्योगों, रिहायशी सोसायटियों या सम्बन्धित संगठनों के प्रबंधकों की तरफ से उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने बताया कि 45 साल से अधिक उम्र वाले कुल 6,51,363 व्यक्तियों को टीके की पहली खुराक और लगभग 6,536 व्यक्तियों को दूसरी खुराक दी गई है।


स्वास्थ्य संभाल कर्मचारियों (एच.सी.डब्लयू) और फ्रंटलाईन वर्करों (एफडब्लयूज) के बारे जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि लगभग 4,12,160 को टीके की पहली खुराक और 1,15,290 को टीके की दूसरी खुराक दी गई है। उन्होंने कहा कि उच्च जोखिम वाली आबादी वाले क्षेत्रों में टीकाकरण मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पंजाब सरकार ने ज्यादा पाॅजिटिव मामलों और कम टेस्टिंग वाले क्षेत्रों में जिला स्तर पर टीकाकरण और टेस्टिंग का लक्ष्य निश्चित किया है।


नमूने लेने और टैस्ट के नतीजों में समय घटाने की जरूरत के बारे बताते हुये उन्होंने कहा कि समय के अधिक अंतराल के साथ संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए सभी जिलों की तरफ से निर्धारित लेबों में रोजमर्रा के कम से कम 3 बार नमूने भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि निजी लेबों की स्थिति और कारगुजारी की समीक्षा के कारण और कोविड टेस्टिंग को बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत है। उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही दिशा-निर्देशों की पालना को यकीनी बनाया जाये।


जिला अस्पतालों और मैडीकल कालेजों में दो शिफटें प्रातः काल 8 बजे से दोपहर 2 बजे और दोपहर 1बजे से शाम 7 बजे तक करवाई जा रही हैं और हर शिफट के लिए अलग स्टाफ तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि 5 अप्रैल से कुल 2342 टीकाकरण केंद्र कार्यशील हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे कहा कि पुलिस लाईनज और जेल विभाग की तरफ से टीकाकरण के लिए अपने स्वास्थ्य केन्द्रों का प्रयोग किया जा रहा है जहां जिला अस्पतालों की तरफ से टीके की सप्लाई की जा रही है। उन्होंने सिविल सर्जनों को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों जैसे झुग्गियों और जेलों की तरफ विशेश ध्यान देने के लिए कहा है जिससे ऐसी आबादियों में सक्रमण के बड़े खतरे को रोका जा सके।


राज्य में कोविड-19 के बढ़ रहे मामलों पर चिंता जाहिर करते हुये उन्होंने कहा कि 27 फरवरी से 5 मार्च तक 2.9 प्रतिशत पाॅजिटिव दर दर्ज की गई जो 27 मार्च से 2 अप्रैल तक तेजी से बढ़ कर 7.9 प्रतिशत हो गई। उन्होंने कहा कि मामलों की मौत दर को कंट्रोल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता मुहिम चला रहा है क्योंकि गाँवों में मौतों की बड़ी संख्या दर्ज की गई है। उन्होंने लोगों से अपील की यदि किसी को कोरोना वायरस के लक्षण महसूस होते हैं तो वह बिना किसी देरी से अपना टैस्ट करवाएं जिससे पाॅजिटिव पाये जाने पर उनको घर में एकांतवास किया जा सके या कोविड केयर अस्पताल में तुरंत इलाज मुहैया करवाया जा सके।


Share news

You may have missed